लव जिहाद के लिए यूपी में बनेगा कानून

    दिनांक 01-नवंबर-2020   
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही कानून बनाने की घोषणा की है. गत सितम्बर माह में ही पाञ्चजन्य ने यह खबर प्रकाशित कर दी थी

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि अगर विवाह के लिए धर्म परिवर्तन किया गया है तो वह मान्य नहीं है. हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहाद की घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए जल्द ही कानून बनाने की घोषणा की है. गत सितम्बर माह में ही पांचजन्य ने यह खबर प्रकाशित कर दी थी कि उत्तर प्रदेश सरकार लव जिहाद की घटनाओं को रोकने के लिए जल्द ही कानून बना सकती है.
ऐसा अक्सर देखा गया है कि सिर्फ विवाह के लिए बालिग़ लड़के और लड़कियां ‘कन्वर्जन’ करते हैं. इनमें से कुछ लोग पुलिस संरक्षण के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हैं. ऐसी ही एक याचिका पति की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल की गई. याचिका में कहा गया था कि स्वेच्छा से विवाह हुआ है लेकिन लड़की के पिता इस विवाह से प्रसन्न नहीं हैं. याचिका में मांग की गई थी कि उनके वैवाहिक जीवन में किसी के द्वारा हस्तक्षेप न किया जाय और पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाय. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले को देखने से स्पष्ट है कि 29 जून 2020 को धर्म परिवर्तन हुआ और 31 जुलाई को विवाह कर लिया. केवल विवाह करने के लिए धर्म परिवर्तन किया गया था. वर्ष 2014 में नूरजहां बेगम के केस में हाईकोर्ट ने कहा था कि सिर्फ विवाह करने के उद्देश्य से किया गया धर्म परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है.
उल्लेखनीय है कि गत 20 सितम्बर को उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता एवं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा था कि " लव जिहाद बेहद गंभीर मामला है. सरकार इस पर मंथन कर रही है. बहुत जल्द ही इस विषय पर कड़ा फैसला लिया जाएगा. " उत्तर प्रदेश सकरार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री मोहसिन रजा ने भी कहा था कि “ लव जिहाद एक साजिश है जिसके तहत भोली-भाली हिन्दू लड़कियों को शिकार बनाया जा रहा है. हिंदू लड़कियों को जानबूझ कर निशाना बनाया जा रहा है. साजिश के तहत इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. इसे रोकने के लिए अगर जरूरत पड़ी तो सरकार कानून बनायेगी. सिमी और पीएफआई जैसे संगठन इसके पीछे हैं. लव जिहाद और कन्वर्जन की काफी शिकायतें आ रही हैं. एक षड़यंत्र के तहत कन्वर्जन कराया जा रहा है.”
बता दें कि पिछले कुछ महीनों में लव जिहाद की घटनाओं को उत्तर प्रदेश सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है. मेरठ जनपद में लव जिहाद के चार प्रकरण सामने आये जिसमें मुसलमान युवकों ने हिन्दू नाम बता कर लड़की से जान- पहचान बढ़ाई थी. दो मामलों में हिन्दू लड़कियों की हत्या कर दी गई. तीसरे प्रकरण में मुस्लिम युवक अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगा और चौथे प्रकरण में मुस्लिम युवक, हिन्दू लड़की को गर्भवती छोड़कर फरार हो गया. इसी प्रकार कानपुर जनपद में आधा दर्जन से अधिक लव जिहाद की घटनाएं प्रकाश में आ चुकी हैं. कानपुर के पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने लव जिहाद की घटनाओं की जांच करने के लिए एसआइटी का गठन किया है.
लखीमपुर खीरी जनपद में दर्जी का काम करने वाले दिलशाद ने हिंदू लड़की से जान – पहचान बढ़ाई. दिलशाद ने लड़की को प्रेम जाल में फंसाया. इस बीच लड़की की शादी कहीं और तय हो गई. दिलशाद ने लड़की को कन्वर्जन के लिए विवश किया मगर लड़की ने मना कर दिया. उसके बाद दिलशाद ने लड़की को धोखे से बुलाया. दिलशाद ने बलात्कार के बाद हत्या कर दी. गत 27 अगस्त को मृतका के शव के पास मोबाइल फोन एवं हत्या में उपयोग किया गया चाकू बरामद हुआ था. विवेचना में पाया गया कि मृतका और दिलशाद के बीच पिछले कई महीने से मोबाइल पर बात हो रही थी. घटना से एक दिन पहले दोनों के बीच 13 बार बात हुई थी. शक के आधार पर पुलिस ने जब दिलशाद से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लव जिहादी मोहम्मद दिलशाद पर एनएसए लगाने का आदेश दिया.