दीपोत्सव की तैयारी में दुल्हन की तरह सज रही है अयोध्या

    दिनांक 10-नवंबर-2020
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दीपोत्सव के दौरान अयोध्या प्रकाशमय हो उठे इसके लिए हर खंभे, हर पुल, गली, मोहल्ले, चौराहों ,घाटों और मन्दिरों की भव्य सजावट की जा रही है

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अयोध्या में दीपोत्सव की तैयारियों में युद्ध स्तर पर चल रही हैं. रामनगरी की सीमा में प्रवेश करते ही तोरणद्वारों का सिलसिला शुरू हो जा रहा है. अधिकांश तोरणद्वारों की सजावट रामायण के प्रसंगों के अनुसार की जा रही है. इनमें से कुछ तो अलग-अलग तरह के फूलों से सजाए गए हैं, सड़कों के किनारों पर बैरिकेडिंग लगा दी गई है.
दीपोत्सव के दौरान अयोध्या प्रकाशमय हो उठे इसके लिए हर खंभे, हर पुल, गली, मोहल्ले, चौराहों ,घाटों और मन्दिरों की भव्य सजावट की जा रही है. दीपोत्सव के दिन लक्ष्मण,सीता सहित प्रभु श्रीराम का आगमन, भरत से मिलने की जगह,राजतिलक और राम की पैड़ी आदि स्थानों पर सजावट को अत्यंत आकर्षक बनाया जा रहा है. यह प्रयास किया जा रहा है कि दीपोत्सव के दिन दोपहर तीन से रात के आठ बजे तक चलने वाले सभी कार्यक्रमों में एकरूपता दिखे. मुख्य कार्यक्रम स्थलों के बैकग्राउंड एक रंग में होंगे. तिलकोत्सव, राजतिलक,सरयू आरती के दौरान वेदपाठी ब्राह्मण अवसर के अनुसार जब मंत्रपाठ करेंगे तो पूरे अयोध्या में सिर्फ वही धुन सुनाई देगी. मंदिरों, मठों और अन्य धर्मस्थल के प्रबंधकों से प्रशासन इसमें सहयोग की अपील करेगा. पूरे कार्यक्रम का बड़ी-बड़ी स्क्रीन पर सजीव प्रसारण होगा.
इस बार 5.51 लाख दीपक प्रज्जविलत कर एक नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है। इन दीपकों को जलाने में करीब आठ हजार , एनएसएस, स्काउट और स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों की मदद ली जाएगी. महानगर के अलग-अलग वार्डों में दीपक जलाने और साज-सज्जा भी काराई जाएगी. पूरे कार्यक्रम की ड्रोन के जरिए मैपिंग होगी. जिस वार्ड की सजावट सबसे खूबसूरत होगी उसे शासन और प्रशासन पुरस्कृत किया जाएगा. दीपोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल, अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव पर्यटन मुकेश मेश्राम सहित शासन एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अयोध्या का दौरा किया. इस दौरान प्रदेश और खासकर अयोध्या जिले के लोगों से अपील की कि वह इस पूरे आयोजन को बेमिसाल बनाने में सहयोग करें.
 
वर्चुअल दीपोत्सव में शामिल होंगे करोड़ों राम भक्त
 
इस बार 'अयोध्या दीपोत्सव' में करोड़ों राम भक्त श्रीरामलला दरबार में वर्चुअल हाजिरी लगाएंगे. करीब पांच शताब्दी की प्रतीक्षा के बाद श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर निर्माण का सपना पूरा हो रहा है, ऐसे में कोई भी श्रद्धालु राम दरबार में आस्था-दीप जलाने से वंचित न रहे. इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी की सहभागिता सुनिश्चित करने की व्यवस्था की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार एक वेबसाइट तैयार करवा रही है. उस वेबसाइट के माध्यम से वर्चुअल दीप जलाए जा सकेंगे.
प्रदेश सरकार द्वारा तैयार कराया जा रहा यह ऐसा वर्चुअल दीपोत्सव होगा जहां पर बिल्कुल वास्तविक दीपोत्सव के जैसा अनुभव होगा. वेबसाइट पर श्रीरामलला विराजमान की तस्वीर होगी. तस्वीर के सामने वर्चुअल दीप प्रज्ज्वलन होगा. वेबसाइट पर यह सुविधा होगी कि श्रद्धालु अपने भावानुसार मिट्टी, तांबे, स्टील अथवा किसी अन्य धातु के दीप-स्टैंड का चयन करें. घी, सरसों अथवा तिल के तेल का विकल्प भी उपलब्ध होगा. दीप प्रज्जवलित हो जाने के बाद भगवान रामलला की तस्वीर के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से धन्यवाद-पत्र भी जारी होगा. 13 नवम्बर से पूर्व यह वेबसाइट आमजन के लिए उपलब्ध हो जायेगी. इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दीपोत्सव में वर्चुअली सहभागिता कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या दीपोत्सव को भव्य बनाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं होना चाहिए. जितने भी कार्यक्रम होंगे सभी में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा. दीपोत्सव पर राम की पैड़ी के साथ सभी मठ मंदिरों व घरों में ऐसे दीप जलेंगे, जिससे भगवान राम की नगरी अयोध्या दीप के प्रकाश से पूरी तरह से अलोकित हो जाए. इस बार करीब साढ़े पांच लाख दीप जलाने की तैयारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राम चरित मानस के प्रसंगों पर आधारित झांकियों का अवलोकन करेंगे. इसके साथ ही श्रीराम, सीता और लक्ष्मण के स्वरूप, की आरती कर श्री राम का राज्याभिषेक करेंगे और जन्मभूमि परिसर में रामलला की आरती भी उतारेंगे.