बिहार चुनाव परिणाम नतीजों के बाद नक्सली कर सकते हैं बड़ा हमला

    दिनांक 10-नवंबर-2020
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 संजीव कुमार
बिहार में चुनाव नतीजे आने से पूर्व अपराध का ग्राफ बढ़ने लगा है। एनडीए में शामिल घटक दलों के समर्थकों के ऊपर गोलियां बरसाई जाने लगी हैं। तो वहीं नक्सली संगठनों द्वारा 8 से 15 नवंबर तक ‘खूनी क्रांति सप्ताह’ मनाए जाने की तैयारी की गई है

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खुफिया एजेंसियों को मिली सूचना के अनुसार बिहार में नक्सली रेलवे ट्रैक व उनकी संपत्ति के अलावा अन्य सरकारी तंत्रों और सुरक्षा बलों पर हमला कर सकते हैं। इस विषय में आरपीएफ के महानिदेशक ने पुलिस मुख्यालय को सतर्क किया है
बिहार में चुनाव नतीजे आने से पूर्व अपराध का ग्राफ बढ़ने लगा है। एनडीए में शामिल घटक दलों के समर्थकों के ऊपर गोलियां बरसाई जाने लगी हैं। 9 नवंबर को आरा के भाजपा महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष नीलू सिंह के पति की हत्या कर दी गई। उसके एक दिन पहले 8 नवंबर को सुबह सैर के लिए निकले एनडीए समर्थक मुखिया संजय वर्मा को गोलियों से छलनी कर दिया गया। मोतिहारी के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र में एक किसान के सारे गन्ने इसलिए काट लिये गये क्योंकि उसने राजद को वोट नहीं दिया था। बिहार में नक्सली संगठनों ने 8 से 15 नवंबर तक ‘खूनी सप्ताह’ मनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
राज्य में बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम को लेकर विशेष चौकसी बरती जा रही है। लेकिन, अपराधियों का हंगामा थम नहीं रहा है। 9 नवंबर को आरा शहर के टाउन थाना क्षेत्र के सुंदर नगर मोहल्ले के मोड़ पर अपराधियों ने प्रीतम नारायण सिंह की हत्या कर दी। उन्हें नजदीक से दो गोलियां मारी गई थी। एक गोली उनके सिर में लगी। शहर के एक निजी अस्पताल में इलाज करने के बाद उन्हें पटना रेफर किया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। प्रीतम नारायण सिंह न्यायालय का काम निपटाने के बाद मोटर साइकिल से अपने आवास लौट रहे थे। प्रीतम जैसे ही अपने मोहल्ले के मोड़ पर पहुंचे तभी मोटर साइकिल पर सवार दो अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद दोनों अपराधी भाग निकले। घायल अवस्था में उन्हें शहर के बाबू बाजार स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें पटना रेफर किया गया। जहां उनको मृत घोषित कर दिया गया। जिला बार एसोसिएशन विद्या निवास सिंह उर्फ दीपक सिंह समेत कई अधिवक्ताओं ने जिला के आरक्षी अधीक्षक से अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की है। इनकी पत्नी नीलू सिंह भाजपा महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष हैं। आरा शहर सीट पर भाजपा के खिलाफ भाकपा (माले) चुनाव लड़ रही है। आरा नक्सलियों का कभी गढ़ माना जाता था। कई लोग इस ऐंगल से भी समाचार को देख रहे हैं।
बिहार में चुनाव रंजिश की एक और घटना पटना जिलान्तर्गत भी हुई। पटना के दुल्हिन बाजार थाने से लगभग 1 किलोमीटर दूर मोटर साइकिल सवार अपराधियों ने 8 नवंबर को एनखां भीमनी चक पंचायत के पूर्व मुखिया संजय वर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी। संजय वर्मा पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में एनडीए के एक प्रमुख स्तंभ माने जाते थे। मोटर साइकिल सवार अपराधियों ने उनको एक गोली पीठ में और दूसरी गोली सिर में मारी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए भाग निकले। संजय वर्मा की हत्या के विरोध में उग्र लोगों ने पटना-अरवल मुख्य मार्ग पर आगजनी कर सड़क जाम कर दी। पालीगंज के प्रशासन ने लोगों को समझाकर शांत किया। पालीगंज में जदयू का मुकाबला भाकपा (माले) से है। यह नक्सलियों का एक प्रमुख केन्द्र माना जाता रहा है।
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच नक्सली संगठनों द्वारा 8 से 15 नवंबर तक ‘खूनी क्रांति सप्ताह’ मनाए जाने की तैयारी की गई है। इस दौरान वे रेलवे ट्रैक व उनकी संपत्ति के अलावा अन्य सरकारी तंत्रों और सुरक्षा बलों पर हमला कर सकते हैं। इस विषय में आरपीएफ के महानिदेशक ने पुलिस मुख्यालय को सतर्क किया है। पुलिस मुख्यालय ने नक्सल प्रभावित जिले- विशेषकर बांका, लखीसराय, मुंगेर और जमुई जिले के पुलिस अधीक्षक को सतर्क रहने को कहा है। खूनी सप्ताह को सफल बनाने के लिए नक्सलियों के पिंटू राणा, अरविंद यादव, बहादुर कोड़ा समेत कई नक्सली लगातार प्रयास कर रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि आरा और पटना में हत्या की घटना के पीछे कहीं ‘खूनी सप्ताह’ का लिंक तो नहीं!