श्रीनगर प्रशाासन ने जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन को जारी किया नोटिस, कश्मीर को बताया था ‘विवादित क्षेत्र’

    दिनांक 12-नवंबर-2020
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श्रीनगर प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (जेकेएचसीबीए) को एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में श्रीनगर प्रशासन ने जेकेएचसीबीए को कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताने के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के संगठनात्मक चुनाव पर रोक लगा दी है

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बीते दिनों श्रीनगर प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (जेकेएचसीबीए) को एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में श्रीनगर प्रशासन ने जेकेएचसीबीए को कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताने के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। साथ ही प्रशासन ने जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के संगठनात्मक चुनाव पर रोक लगा दी। वहीं प्रशासन ने एसोसिएशन को पंजीकरण व अन्य आवश्यक दस्तावेज भी जिला मजिस्ट्रेट श्रीनगर के कार्यालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
गौरतलब है कि कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताने के लिए करीब दो हजार सदस्यों वाली जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन को पहली बार कोई सरकारी नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू-कश्मीर प्रदेश में दो बार एसोसिएशन हैं। एक कश्मीर में है और दूसरा जम्मू संभाग में। दोनों ही एसोसिएशन विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों पर अलग राय रखते हैं।
जिलाधिकारी ने जारी किया नोटिस
श्रीनगर के जिलाधिकारी शाहिद इकबाल चौधरी ने जेकेएचसीबीए श्रीनगर को तीन नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस एसोसिएशन की चुनाव समिति और इसके अध्यक्ष को जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि जेकेएचसीबीए श्रीनगर का संविधान कहता है कि इनका पहला मकसद कश्मीर विवाद के शांतिपूर्ण समाधान का मार्ग तलाशना है और देश-विदेश में अलग-अलग जगहों पर प्रतिनिधिमंडल भेजना, सेमिनार करना और समान विचारधारा वाले संगठनों को सदस्य बनना शामिल है। नोटिस में कहा गया है कि एसोसिएशन का यह एजेंडा किसी भी तरह से भारतीय संविधान के अनुरूप नहीं है। जम्मू-कश्मीर कोई विवादित क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह भारत का एक अभिनन्न और अविभाज्य अंग है। इसके अलावा यह प्रशासकीय व कानूनी मुद्दों के संदर्भ में 1961 के एडवोकेट अधिनियम के मुताबिक भी नहीं है। इसलिए जेकेएचसीबीए को नोटिस जारी करके कश्मीर को विवादित क्षेत्र बताने के संबंध में अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। वहीं इस मुद्दे पर जेकेएचसीबीए श्रीनगर चुनाव आयुक्त, एडवोकेट मुदस्सर ने कहा कि मेरी राय में यह एक तरह से बार एसोसिएशन को चेतावनी है।