तकनीकी ताल से जमा ‘खेल’

    दिनांक 19-नवंबर-2020   
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इंफाल में खेलों का सामान बनाने वाली ‘एटेक्स स्पोर्ट्स’ कंपनी के मालिक डॉ. परमानंद सिंह थोंगम ने नई तकनीक का सहारा लेकर न केवल कामकाज को जारी रखा, बल्कि अच्छी कमाई भी करने में सफल रहे

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 डॉ. परमानंद सिंह थोंगम (50 वर्ष)
कंपनी: एटेक्स स्पोर्ट्स
वार्षिक कारोबार: एक करोड़ रु.
चुनौती: पैसे की किल्लत
रणनीति: कंपनी शुरू करने से पहले बेंगलूरु में
एक बहुराष्टÑीय कंपनी में नौकरी करने के दौरान
‘आनलाइन’ काम करने से जो अनुभव
हासिल किया, उसका सहारा लिया।


मणिपुर की राजधानी इंफाल में ‘एटेक्स स्पोर्ट्स’ नामक एक कंपनी है, जो विभिन्न खेलों का सामान बनाती है। जैसे— फुटबॉल, वालीबॉल, हैण्डबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, खेलों के परिधान आदि। कोरोना काल में इस कंपनी के मालिक डॉ. परमानंद सिंह थोंगम के सामने बड़ी चुनौती थी केवल दो साल पुरानी कंपनी के अस्तित्व को बचाना।

वे कहते हैं, ‘‘जब पूरा काम ही रुक गया तो मन में एक डर पैदा हुआ कि अब क्या होगा? कब तक देश बंद रहेगा, इसका भी कुछ अनुमान नहीं था। इसलिए कई खेलों का ‘आॅनलाइन’ प्रशिक्षण शुरू किया। पहले ही दिन 10-11 लोग शामिल हुए। मैंने उन्हें बताया कि इस महामारी के दौर में अपने को स्वस्थ और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए कोई न कोई खेल खेलें। इसके साथ ही घर के अंदर ही खेलने वाले अनेक खेलों की जानकारी दी।’’

वे कहते हैं, ‘‘जब प्रशिक्षण लेने वालों की संख्या बढ़ने लगी तो मणिपुर के कुछ खिलाड़ियों को भी ‘आनलाइन’ जोड़ा। उन्होंने भी लोगों को स्वस्थ रहने के लिए घर के अंदर ही कोई खेल खेलने की सलाह दी। जिन लोगों को यह सलाह पसंद आई वे खेल का सामान मंगाने लगे, लेकिन उन्हें कहा गया कि सामान तभी मिल सकेगा जब स्थिति सामान्य होगी। लोगों ने हम पर भरोसा किया और ‘आनलाइन’ ही अग्रिम पैसा भेजने लगे।’’

डॉ. थोंगम बताते हैं, ‘‘जब ‘आनलाइन’ पैसे आने लगे तो कामगारों से काम भी करवाने लगे। जो लोग सिलाई करते थे, उनके पास सिलाई मशीन भिजवाई गई। उनसे यह भी कहा गया कि जो भी सामान तैयार हो, उसे अपने घर ही रखें। समय आने पर वहीं से ग्राहकों को भेज दिया जाएगा। ऐसा ही हुआ। जून महीने में थोड़ी ढील मिलते ही कुछ कर्मचारियों को जहां सामान था, उसे वहीं से ग्राहकों तक पहुंचाने जिम्मेदारी दी गई।’’

इस तरह उन्होंने अपनी कंपनी को न केवल संभाला और आगे भी बढ़ाया।