साहस का उजास

    दिनांक 19-नवंबर-2020   
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दीपावली त्योहार है उजास का, आनंद और उत्साह का। कालखंड कैसा भी रहा हो, जीवन कैसे भी उतार-चढ़ाव से गुजर रहा हो, कुटुंब और समाज के सामने चुनौतियां कैसी भी हों, लक्ष्मी पूजा के दिन की आहट सबमें नए जोश का संचार करती है।

आज दुनिया चीन के फैलाए वायरस, कोरोना की मार झेल रही है। बहुत से कल-कारखाने, दुकान, बाजार, हाट अब भी बंद हैं, कई क्षेत्रों के दफ्तरों पर ताले जड़े हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और संक्रमण को दूर रखने के अन्य उपायों ने  इनसान को इनसान से फासले पर रहने को मजबूर कर दिया है। दुख-तकलीफ के या हंसी-खुशी के पारिवारिक आयोजनों पर लगाम लगी है। कुल मिलाकर, एक अजीब-से नैराश्य का समां है हर ओर।
लेकिन भारत के अनेक कारोबारी अथवा उद्योगपति ऐसे भी हैं जो इस माहौल में भी अपने कामकाज को कोरोना काल के हिसाब से थोड़ा घुमाव देते हुए, उनमें थोड़ा बदलाव लाते हुए, पहले जैसे या उससे भी बेहतर प्रदर्शन ही नहीं कर रहे बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं। कहीं साड़ियां बनाने वाली फैक्ट्री पीपीई किट बनाने लगी, तो कहीं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली कंपनी ने यूवी सेनेटाइजर मशीन बनानी शुरू कर दी, कोई  फल-फूल-सब्जियों की आपूर्ति में राज्य सरकार का हाथ बंटा रहा है, तो कोई साज-शृंगार के प्रसाधनों की जगह स्वास्थ्यवर्धक औषधियों के उत्पादन में जुटा है। इसके पीछे सोच है तो बस एक कि कामगारों को रोजगार मिलता रहे और कारोबार से देश के अर्थतंत्र को मजबूती मिले।
इससे लाभ हुआ है। दीपावली पर वातावरण सकारात्मक बना है। भले सेकुलर तंत्र पर्यावरण की आड़ में आतिशबाजी को लेकर कितनी भी हायतौबा मचाए, वृहत हिन्दू समाज रोशनी और उत्सव के आनंद को फीका न होने देने को कटिबद्ध है।
मां लक्ष्मी की कृपा हर साल की तरह इस साल भी सब पर सरसेगी, इसी मंगल कामना के साथ प्रस्तुत है दीपावली पर यह विशेष आयोजन