विषाणु को दिया विद्युत का झटका

    दिनांक 19-नवंबर-2020   
Total Views |
नई दिल्ली में डॉ. बोबिन सलूजा और डॉ. निधि सलूजा ने डीआरडीओ की सहायता से विद्युत चालित ‘सेनेटाइजर मशीन’ का निर्माण कर कोरोना की गति को कम करने में महती भूमिका निभाई है। इससे पहले भारत में ऐसी मशीन नहीं बनती थी 
8_1  H x W: 0 x

डॉ. रोबिन सलूजा (44 वर्ष),
डॉ. निधि सलूजा (44 वर्ष)
कंपनी: इंडेंट मेडिकल डिवाइसेज
वार्षिक कारोबार: 3 करोड़ रु.
चुनौती: कारीगरों की कमी
रणनीति: ‘लॉकडाउन’ शुरू होते ही
डीआरडीओ से बात कर कारखाने में
लगी मशीन में आवश्यक बदलाव किया
और उत्पाद को खुद ही उपभोक्ता तक पहुंचाया

नई दिल्ली के झंडेवालान एक्सटेंशन में रहने वाले डॉ. बोबिन सलूजा और उनकी पत्नी डॉ. निधि सलूजा दंत चिकित्सक होने के साथ-साथ सफल कारोबारी भी हैं। ये दोनों मरीजों का इलाज करने के अलावा ‘इंडेंट मेडिकल डिवाइसेज’ नाम से एक कंपनी भी चलाते हैं। जिसके जरिए वे फरीदाबाद स्थित अपने कारखाने में दंत चिकित्सा से जुड़े उपकरण बनाते हैं। मार्च के अंतिम दिनों में जब ‘लॉकडाउन’ शुरू हुआ तो इनका कारखाना भी बंद हो गया, लेकिन दोनों ने इस आपदा को अवसर में बदलने का निर्णय लिया।

इसके लिए इन्होंने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), जहां ये दोनों पहले काम कर चुके थे, की मदद ली। उसने इन्हें ‘अल्ट्रा वायलेट सेनेटाइजर मशीन’ बनाने की तकनीक की जानकारी दी। इसके बाद इस युगल ने इसके उत्पादन के लिए अपने कारखाने में लगी मशीनों में बदलाव करवाया और दो-तीन दिन के अंदर उत्पादन शुरू कर दिया। इसकी गुणवत्ता की जांच डीआरडीओ के विशेषज्ञों ने की। पहली मशीन प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई। डॉ. रोबिन बताते हैं, ‘‘यह मशीन लैपटाप, मोबाइल, चाबी, फल, सब्जी, कपड़े, कागज जैसी वस्तुओं को एक मिनट में विषाणु-मुक्त कर देती है।’’

डॉ. निधि बताती हैं कि जैसे ही लोगों को इस मशीन की जानकारी मिली, बड़ी संख्या में इसकी मांग आने लगी। दिन-रात काम करके अधिक से अधिक उत्पादन किया गया। उन दिनों की चुनौतियों के बारे में डॉ. रोबिन ने बताया, ‘‘सबसे बड़ी चुनौती थी कारीगरों और मजदूरों की कमी। अधिकतर मजदूर गांव चले गए और जो थे, वे महामारी के डर से कारखाना जाने को तैयार नहीं हो रहे थे। उन्हें बहुत ही मुश्किल से काम के लिए तैयार किया गया। प्रतिदिन सभी कामगारों के स्वास्थ्य की जांच की व्यवस्था की गई और सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए काम शुरू किया गया। इसका अच्छा परिणाम मिला। और कारोबार बहुत अच्छा रहा।’’