उदासी के दौर में उम्मीद भरी उड़ान

    दिनांक 19-नवंबर-2020   
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ऐतिहासिक इमारतों और मंदिरों को रोशनी से जगमगाने में जुटी कंपनी ने वक्त को पहचान आपदा में  उम्मीद जगाने की पहल की, फूलों की आनलाइन प्रदर्शनी लगाई  

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2019 के सर्वोत्तम ध्वनि एवं प्रकाश शो पुरस्कार के साथ शिव पिल्लै

शिव पिल्लै (43 वर्ष)
कंपनी: लक्स एंड डेसीबल्स  
वार्षिक कारोबार: 5 करोड़ रु.
चुनौती: नवाचार से कोरोना की बाधाओं को दूर करना

तिरुपति में भगवान् वेंकटेश बालाजी के दर्शन के बाद ज्यादातर श्रद्धालु वहां से 60 किमी. दूर श्रीविनायक स्वामी वारि मंदिर में गणपति के मंदिर जरूर जाते हैं। माना जाता है कि तीर्थ का सुफल तभी मिलता है। स्वयंप्रकट श्रीविनायक के वर्तमान मंदिर को भव्यता प्रदान की थी चोल वंश के राजाओं ने। बड़ी अनूठी पौराणिक कथा है इस मंदिर के पीछे इसलिए इसे सिद्ध स्थान माना जाता है। अगर आप भी कभी श्रीविनायक मंदिर गए होंगे तो आपने वहां आधे घंटे का ध्वनि व प्रकाश शो जरूर देखा होगा। उसके माध्यम से मंदिर से जुड़े इतिहास को दर्शाया जाता है। इसके पीछे सोच और प्रस्तुति में योगदान है चेन्नै के अम्बात्तूर ओद्यौगिक क्षेत्र स्थित कंपनी ‘लक्स एंड डेसीबल्स’ और उसके प्रमुख सलाहाकर, महज 43 साल के श्री शिव पिल्लै का। आज वे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल सरकार की विभिन्न ध्वनि एवं प्रकाश परियोजनाओं से जुड़े हैं।

सालाना करीब 5 करोड़ का व्यवसाय करने वाली उनकी कंपनी को चायनीज वायरस कोरोना का झटका लगना ही था। हर उद्योग प्रभावित हुआ है इससे। तेजी से बढ़ती कंपनी और उत्साहित कर्मचारियों की चाल में रुकावट आनी ही थी। पहला झटका, इस संक्रमण काल की शुरुआत से पहले 17 दक्ष कर्मचारी होते थे कंपनी में लेकिन यातायात अस्त-व्यस्त होने से दूर-दराज से आने वालों का आना बंद हो गया और इस तरह अब 13 कर्मचारी ही रह गए हैं। दूसरे, जनवरी 2020 से कई परियोजनाओं पर चल रहा काम अधर में लटक गया।

लेकिन जोशीले श्री पिल्लै ने समय की आवश्यकता के हिसाब से सोचते हुए बाध्यता को अवसर में बदलने की ठान ली। अप्रैल 2020 में चेन्नै में सेनेटाइजर की बोतलें तैयार करके गरीब तबके को मुफ्त बांटी गर्इं। इतना ही नहीं, श्री पिल्लै ने शहर में सब्जी वितरण की पूरी योजना तैयार की और राज्य सरकार के साथ शहर में घर-घर सब्जी पहुंचवाई। मोगरे के फूलों की विश्व प्रसिद्ध प्रदर्शनियां इस बार डिजिटल तकनीक से 360 डिग्री में तैयार कीं। धर्मपुरी नामक स्थान पर शिव पिल्लै की कंपनी के सहयोग से तमिलनाडु सरकार फूलों से सॉलवेंट एक्सट्रेक्शन प्लांट लगाने जा रही है जिससे मोगरे के फूलों के किसानों की आमदनी के रास्ते बंद नहीं होंगे कोरोना के कारण। फूलों के अर्क का इत्र, मसाले, दवा आदि उद्योगों में काफी प्रयोग होता है।