आयुष के अनमोल रतन

    दिनांक 19-नवंबर-2020   
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कोरोना काल में आवश्यक दवाओं के लिए अपनी कंपनी के माध्यम से जड़ी-बूटियों का अर्क और आयुष क्वाथ की रिकार्डतोड़ आपूर्ति कर हर्षपाल सिंह ने पूरी दक्षता के साथ अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई है
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हर्षपाल सिंह (प्रकोष्ठ में) और उनकी कंपनी के उत्पाद

हर्षपाल सिंह (48 वर्ष)
कंपनी: अम्बे फाइटोएक्सट्रेक्ट्स प्रा. लि.  
वार्षिक कारोबार: 100 करोड़ रु.
चुनौती: कोरोना काल में उत्पादन कायम रखना
रणनीति : स्वास्थ्यवर्धक आयुष क्वाथ उत्पादन की तरफ कदम बढ़ाए

चायनीज कोरोना वायरस के प्रकोप के इस दौर में अक्सर यही सुनने में आया कि कितने ही कारोबार बंद हो गए, अरबों का घाटा हो गया कंपनियों को, लाखों लोग सड़क पर आ गए, काम-धंधे चौपट हो गए! लेकिन ऐसी दुखदायी खबरों या जानकारियों के बीच जब कहीं से यह पता चले कि इस दौरान कारोबार में पहले से ज्यादा मुनाफा हुआ है, लोग काम से निकाले नहीं गए बल्कि और लोगों को काम पर रखा गया है, माल की ढुलाई और तेज हुई है तथा निर्यात के ठिकाने बढ़े हैं तो सुखद-सा एहसास होता है। 

ऐसा ही दिल को राहत देने वाला पल था वह जब हमारी बात हुई दिल्ली के पटपड़गंज इलाके में अम्बे फाइटोएक्सट्रेक्ट्स प्रा. लिमिटेड कंपनी के स्वामी हर्षपाल सिंह से।

पौड़ी-गढ़वाल के बीरोखाल ब्लॉक के जमरिया गांव में जन्मे और 2007 में वहीं से अपना काम खड़ा करने वाले 48 वर्षीय हर्षपाल ने हेल्थ केयर उत्पाद के क्षेत्र में खासा नाम कमाया है। 2009 में उन्होंने नवसारी (गुजरात) में पहली इकाई स्थापित की थी। पहले जहां उनके यहां 150 लोग काम करते थे, वहीं आज 200 के करीब कामगार हैं। जड़ी-बूटियों के अर्क से स्वास्थ्यवर्धक औषधियां बनाने वाली ऐसी शायद ही कोई बड़ी आयुर्वेदिक कंपनी हो भारत में जिसे हर्ष जी की कंपनी से बेशकीमती अर्क न पहुंचते हों।

कोरोना के इस दौर में भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुरोध पर उन्होंने आयुष क्वाथ बनाकर उसे बाजार में उतारा। साथ ही आंवला, गिलोय, तुलसी, अश्वगंधा आदि से प्रतिरोधक काढ़ा, क्वाथ या जूस, कैप्सूल बनाकर देश की जरूरतें पूरी करने के बाद उन्हें यूरोप, अमेरिका और तमाम दक्षिण एशियाई देशों में भेजा। आज अम्बे फाइटोएक्सट्रेक्ट्स सालाना 100 करोड़ रु. से ज्यादा का कारोबार कर रही है। अमेजॉन, बिग बास्केट, रेमंड जैसी कंपनियां उनके उत्पाद आनलाइन बेच रही हैं। हरिद्वार में दो महीने के भीतर उनकी एक और इकाई उत्पादन शुरू करने जा रही है। हर्ष जी के साथ उनकी पत्नी श्रीमती बीना और दो भाई भी कंपनी के संचालन में सक्रिय हैं। दो बेटियां हैं जो अभी स्कूल, कॉलेज में पढ़ रही हैं।