मथुरा: मंदिर में मुस्लिम युवकों ने नमाज पढ़ी , क्या कोई हिन्दू भी मस्जिद में पूजा - अर्चना कर सकता है ?

    दिनांक 02-नवंबर-2020
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कट्टर मुसलमान, पैगम्बर का सिर्फ कार्टून बनाने वाले की हत्या कर देते हैं. दुनिया भर के मुसलमान , ऐसे कट्टर मुसलमानों का समर्थन करते हैं. वहीं यहां मुसलमान मंदिर में जाकर नमाज अदा कर रहे हैं

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वो इस्लामिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की जान लेने पर आमादा हैं. मजहब के लिए जिहाद और लव जिहाद चला रहे हैं. ऐसे में चार मुस्लिम युवकों ने भाई- चारा बढ़ाने का फरेब रचा और मथुरा के मंदिर परिसर में नमाज पढ़कर चले गए. अब इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. सवाल यह है कि क्या कोई हिन्दू , मस्जिद में पूजा - पाठ कर सकता है.
उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद के नंद महल मंदिर में नमाज पढ़ने की घटना अब तूल पकड़ रही है. यह मंदिर मथुरा के बरसाना थाना अंतर्गत नंद गांव में स्थित है. गत 29 अक्टूबर को नई दिल्ली से मथुरा पहुंचकर फैजल, चांद एवं उसके दो अन्य साथियों ने मंदिर परिसर में नमाज पढ़ी. नमाज पढ़ने की फोटो वायरल होने के बाद मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी की तरफ से थाना बरसाना में मुस्लिम युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है.
मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी ने पुलिस को बताया कि 29 अक्टूबर को 4 मुस्लिम युवक नन्द महल मंदिर आये थे. इसमें से एक युवक ने मुस्लिम टोपी लगा रखी थी. मुस्लिम युवक को मंदिर में देख आश्चर्य हुआ. तब मैंने उस युवक से उसका नाम पूछा. उसने अपना नाम फैजल बताया और कहा कि भगवान कृष्ण क्या सिर्फ हिन्दुओं के हैं. कृष्ण हम सबके हैं. मुस्लिम युवक फैजल ने राम चरित मानस की चौपाई भी सुनाई. फैजल और उसके अन्य तीन साथियों ने यह भी बताया कि वो साइकिल से ब्रज चौरासी कोस यात्रा करने आए थे. युवकों ने मंदिर के एक कोने में नमाज पढ़ी. हालांकि उन लोगों को नमाज पढ़ने के लिए मना किया गया था.
मंदिर में नमाज पढ़ने का मामला वायरल होने के बाद हिंदूवादी संगठनों व साधु-संतों में भारी आक्रोश है. काशी विद्युत परिषद के पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी काली नागिन महाराज का कहना है कि पहले तो इन लोगों ने मंदिर में नमाज़ पढ़ी और दूसरे उन्होंने इसकी फोटो भी खिंची. मंदिर में नमाज पढ़ा जाना एकदम अनुचित है. पुलिस अधीक्षक मथुरा ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं.