प्रकृति को सुरक्षित और संरक्षित करने के महायज्ञ में स्वयंसेवकों को करनी होगी अपनी भूमिका सुनिश्चित: श्री मोहनराव भागवत

    दिनांक 24-नवंबर-2020   
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प्रयागराज स्थित वशिष्ट वात्सल्य पब्लिक स्कूल—गौहनिया में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल—पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की बैठक में राष्ट्रीय स्वसंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने स्वयंसेवकों से आहृवान किया कि वे जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए आगे आएं
हमारी संस्कृति में जल, जंगल और जमीन की पूजा की जाती है। इसलिए भारतीय संस्कृति व परंपरा को बनाए रखते हुए हम सबको चाहिए कि अपने आस—पास की प्रकृति को सुरक्षित और संरक्षित करें। प्रत्येक स्वसंसेवक को इस महायज्ञ में अपनी भूमिका सुनिश्चित करनी होगी। उक्त बात राष्ट्रीय स्वसंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कही। वे गत दिनों प्रयागराज स्थित वशिष्ट वात्सल्य पब्लिक स्कूल—गौहनिया में संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल—पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता और कुटुम्ब प्रबोधन पर कार्य करने का आह्वान किया गया। साथ ही संघकार्य की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के साथ आगामी कार्यक्रमों पर विचार किया गया।

समापन सत्र में श्री भागवत ने कहा कि कोरोना संकटकाल में संघ के स्वयंसेवकों के अलावा समाज के जिन लोगों ने आगे आकर सेवा की है, हमें ऐसी सज्जनशक्ति को अपने संपर्क में लाने की आवश्यकता है। परिवारों में हो रहे बिखराव पर चिंता जताते हुए कहा कि टुकड़ों में बंटा हुआ समाज कभी भी न तो प्रगति कर सकता है और न ही मजबूती से खड़ा हो सकता है। संयुक्त परिवारों के जरिए ही भारतीय संस्कृति का भी संरक्षण होगा और परंपराएं भी संरक्षित रहेंगी।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने कुटुम्ब प्रबोधन पर कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि मातृशक्ति का सम्मान करने का स्वभाव परिवार के प्रत्येक सदस्य में आना चाहिए। आज परिवार टूट रहे हैं। इसकी वजह से तमाम विकृतियां समाज में आ रही हैं। इसलिए परिवार व्यवस्था को बनाए रखने की आवश्यकता है।

सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले ने व्यवसायी स्वयंसेवकों का सर्वे कर उनको कैसे सक्रिय किया जाए इस विषय पर मार्गदर्शन किया। सह सरकार्यवाह श्री मुकुंद ने युवा कार्यकर्ता विकास योजना से संबंधित विषय रखा। सह सरकार्यवाह डॉ. मनमोहन वैद्य ने समाज की उत्सुक शक्ति को अपने समीप कैसे लाया जाए, इस विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि समाज संघ के साथ कार्य करने को उत्सुक है।

बैठक में कोरोना काल में सेवा कार्यों के कौन–कौन से प्रयोग किए, ऐसे ही शाखा कार्य में कौन-कौन से नए प्रयोग हुए आदि पर चर्चा हुई। बैठक में यह विचार किया गया कि लॉकडाउन में जिन संस्थाओं, नागरिकों, अधिकारियों, डॉक्टर्स, सफाई कर्मियों ने श्रेष्ठ भूमिकाएं निभाई, उनके साथ सम्पर्क की योजना पर ध्यान देना चाहिए। बैठक में अवध प्रान्त, कानपुर प्रान्त, गोरक्ष व काशी प्रान्त के अखिल भारतीय कार्यकारी मण्डल के सदस्य उपस्थित रहे।