भारत को आत्मनिर्भर बनाना है तो गांवों के विकास पर देना होगा जोर

    दिनांक 26-नवंबर-2020   
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गत बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल—पूर्व क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक भुवनेश्वर स्थित तेरापंथ भवन में शुरू हुई। इस दौरान लाकडाउन के समय जहां स्वयंसेवकों द्वारा किए गए सेवा कार्यों की चर्चा हुई तो वहीं प्रासंगिक विषयों पर मंथन—चिंतन हुआ

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         फाइल चित्र
 
गत बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल—पूर्व क्षेत्र की दो दिवसीय बैठक भुवनेश्वर स्थित तेरापंथ भवन में शुरू हुई। बैठक के पहले दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि कोरोना संक्रमण के कारण मैदानों व पार्कों में लगने वाली शाखाएं बंद थीं। पर अब जहां स्थिति अनुकूल है, वहां शाखाएं लगाई जा सकती हैं। शाखाओं की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। श्री भागवत ने कोरोना संक्रमण के कारण लाकडाउन के समय स्वयंसेवकों के साथ-साथ अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से पूर्व क्षेत्र में किए गए सेवा कार्यों की सराहना की। बैठक में सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी, सह सरकार्यवाह डॉ मनमोहन वैद्य व वी भागैया प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


बैठक में हुई इन विषयों पर चर्चा


बैठक के पहले दिन चारों प्रांतों में चल रहे संघ कार्यों की जानकारी संबंधित अधिकारियों ने दी। इस दौरान लाकडाउन के समय किए गए सेवा कार्य, बंगाल में आए तूफान के दौरान किए गए सेवा कार्य, विभिन्न् क्षेत्रों में चल रहे सेवा कार्य एवं इन सभी प्रांतों में लगने वाली शाखाओं की संख्या आदि की जानकारी दी गई।

गांवों के विकास पर देना होगा जोर


पहले दिन की बैठक चार सत्रों में चली। इस दौरान बैठक में सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी ने पर्यावरण संरक्षण एवं गो संव‌र्द्धन विषय पर चर्चा करते हुए इन विषयों पर ध्यान आक्रष्ट करने को कहा। उन्होंने ग्राम विकास के मुद्दे पर कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाना है तो गांवों के विकास पर हमें जोर देना होगा। गांवों में जो पारंपरिक तकनीक पहले थी, उसे फिर से विकसित करते हुए आगे बढ़ाना होगा। जैविक खेती पर हमें जोर देना होगा। आज समय की मांग है कि जैविक खेती को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाए।