आत्मनिर्भरता एवं स्वावलंबन की चुनौती को स्वीकार करें स्वयंसेवक

    दिनांक 26-नवंबर-2020   
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पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल, (पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) की दो दिवसीय बैठक गाजियाबाद स्थित सरस्वती शिशु मंदिर, नेहरू नगर में संपन्न हुई। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण व वैश्विक महामारी कोरोना के कारण बदलते परिवेश में स्वयंसेवक को और अधिक गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।
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पिछले दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल, (पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र) की दो दिवसीय बैठक गाजियाबाद स्थित सरस्वती शिशु मंदिर, नेहरू नगर में संपन्न हुई। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण व वैश्विक महामारी कोरोना के कारण बदलते परिवेश में स्वयंसेवक को और अधिक गंभीरता व जिम्मेदारी के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया। बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत व सरकार्यवाह श्री भैयाजी जोशी जहां प्रमुख रूप से उपस्थित थे वहीं सह सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले, डॉ कृष्ण गोपाल, डॉ. मनमोहन वैद्य, श्री मुकुंद की भी गरिमामयी उपस्थित रही।

 स्वयंसेवकों को अपनी कार्य भूमिका बदलने की आवश्यकता
बैठक को संबोधित करते हुए श्री मोहनराव भागवत ने कहा कि कोरोना के कारण सामाजिक परिवेश में परिवर्तन आया है। इस बदलते परिवेश में स्वयंसेवकों को अपनी कार्य भूमिका बदलने की आवश्यकता है। इस दौरान बैठक में निर्णय लिया गया कि कोरोना के कारण ऑनलाइन व परिवार शाखाओं को अब अपने पूर्व स्वरूप में आना चाहिए। शाखाओं को कोरोना संबंधी सावधानियों के साथ शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए खुले मैदानों में लगाने की बात की गई। राष्ट्रभक्ति, सेवा, संस्कार की भावना मजबूत करने के लिए साप्ताहिक कुटुंब-बैठकें प्रारम्भ करने का भी आह्वान किया गया।

पर्यावरण संरक्षण समय की मांग

बैठक में अपने विचार व्यक्त करते हुए श्री भैयाजी जोशी ने पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब पर्यावरण संरक्षण का विषय आता है तो जल प्रबंधन, जल के दुरुपयोग की रोकथाम, प्लास्टिक उपयोग पर रोक जैसे जागरूकता अभियान चलाने होंगे। समाज में अधिक से अधिक पौधारोपण की अलख जगानी होगी। इस दौरान सभी प्रान्तों ने अपने यहां चल रहे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों व अभियानों की जानकारी बैठक में दी।
प्रांतों द्वारा कोरोना महामारी के दौरान किए गए सेवा कार्य
मेरठ प्रांत—

—कोरोना संकट के समय मेरठ प्रान्त में संघ के स्वयंसेवकों द्वारा 1,12,943 राशन किट और 19,74,381 भोजन पैकेट का वितरण किया गया।

—लॉकडाउन में 1,28,652 मास्क, 10,100 पैकेट काढ़ा और 48,665 लीटर सेनेटाइजर का वितरण संघ द्वारा किया गया।

— 4,132 घुमंतू जातियों के परिवारों को भी संघ के स्वयंसेवकों ने सहायता पहुंचायी।

— 663 यूनिट रक्तदान स्वयंसेवकों ने किया।

— दिल्ली से निकले 2,24,310 प्रवासी मजदूरों को भी स्वयंसेवकों ने सहायता पहुंचायी।

— इस पूरे सेवाकार्य में 6,703 स्वयंसेवक लगे।

— कोरोना काल में बहुत सारे लोगों के नौकरी काम-धंधे बंद हो जाने के कारण बहुत आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ा है। ऐसे कठिन समय में उनको इस कष्ट से बाहर निकालने के लिए स्वरोजगार हेतु कौशल विकास का एक प्रयास किया गया।
ब्रज प्रांत

— आगरा में रोजगार भारती द्वारा 8 नवंबर को रोजगार प्रोत्साहन मेले का आयोजन किया गया।

—यह मेला युवाओं को स्वरोजगार की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से लगाया गया था। मेले में बड़ी संख्या में उद्यमी, स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाली ईकाइयां, बैंक के अधिकारी व अपना उद्यम शुरू करने के इच्छुक युवक आए थे।

उत्तरांचल प्रांत

— उत्तराखण्ड में संघ द्वारा 11,67,555 भोजन पैकेट और 68,055 परिवारों को राशन किट का वितरण किया गया।

— कोरोना से बचाव के लिए 1,09,252 मास्क वितरण और 15,466 लीटर सेनेटाइजर का छिड़काव किया गया।

— उत्तराखण्ड के स्वयंसेवकों ने 422 यूनिट रक्तदान किया।

— सम्पूर्ण सहायता कार्य में 4,226 स्वयंसेवक लगे.
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