दिल्ली: अर्णब की गिरफ्तारी के विरोध में पत्रकारों का प्रदर्शन

    दिनांक 05-नवंबर-2020
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वरिष्ठ टीवी पत्रकार अर्णब गोस्वामी की मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में देश के तमाम पत्रकार संगठनों ने संसद भवन के समक्ष प्रदर्शन किया और महाराष्ट्र सरकार से श्री गोस्वामी को तुरंत रिहा करने की मांग की

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वरिष्ठ टीवी पत्रकार अर्णब गोस्वामी की मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के विरोध में देश के तमाम पत्रकार संगठनों ने संसद भवन के समक्ष प्रदर्शन किया और महाराष्ट्र सरकार से श्री गोस्वामी को तुरंत रिहा करने की मांग की। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स इंडिया, दिल्ली पत्रकार संघ, वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, मीडिया एसोसिएशन फार सोशल सर्विस सहित अनेक संगठनों के सदस्य पत्रकारों के अलावा प्रमुख मीडिया संस्थानों के पत्रकार भी इस मौके पर मौजूद थे।
वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव, मनोज वर्मा, हर्षवर्धन त्रिपाठी, स्मिता मिश्रा,संतोष कुमार, शिशिर सोनी, उमेश चतुर्वेदी, राकेश आर्य, संजय सिंह समेत लगभग डेढ़ सौ पत्रकारों ने प्रेस क्लब से लेकर संसद भवन के समीप तक मार्च निकाला। मार्च को संबोधित करते हुए पत्रकारों ने कहा कि श्री गोस्वामी की गिरफ्तारी प्रेस पर सीधा सीधा हमला है। अभिव्यक्ति की आजादी को महाराष्ट्र सरकार एवं पुलिस ने दबाने का षड्यंत्र रचा है। अर्णब की गिरफ्तारी ने आपातकाल की याद ताजा कर दी है और ऐसा लगता है मुंबई में आपातकाल लगा है। सुशांत सिंह राजपूत केस, फर्जी टीआरपी केस में महाराष्ट्र सरकार को जब श्री गोस्वामी से 12-12 घंटे पूछताछ के बाद भी कुछ नहीं मिला तो राज्य के गृह मंत्री के आदेश पर पुलिस ने मार्च, 2018 में बंद हो चुके एक केस को दोबारा खोल कर अचानक बिना नोटिस उन्हें घर से बलपूर्वक गिरफ्तार किया गया। इस तरीके के अमानवीय व्यवहार को देखते हुए सभी पत्रकारों ने एक सुर में कहा कि अगर इसका आज विरोध नहीं किया गया तो हर दिन कोई न कोई पत्रकार चौकी—थानों के चक्कर काटता फिरेगा। और सरकार—पुलिस उन्हें किसी सही या गलत केस में फंसाने में जरा संकोच नहीं करेंगी। इस दौरान पत्रकारों ने प्रेस क्लब के समक्ष धरना भी दिया।