मुनाफे के लिए खोले बाजार और मॉल, अब दिल्ली कोरोना से बेहाल

    दिनांक 07-नवंबर-2020   
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दिल्ली में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट की हिमा कोहली और सुब्रामणियम प्रसाद की बेंच ने की टिप्पणी की है यदि यही हाल रहा तो दिल्ली 'कोरोना कैपिटल' बन जाएगी

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शहर के आंकड़े 39722 कोरोना के स​क्रिय मरीज हैं जबकि अभी तक 6833 शुक्रवार को कोरोना के 7 हजार से अधिक मामले देखे गए। जिसके बाद कोरोना के कुल मरीजों का आंकड़ा चार लाख के पार 4,16,653 हो गया है। वहीं कोरोना की संक्रमण दर सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में जहां सात प्रतिशत दर्ज की गई नवंबर के पहले हफ्ते में संक्रमण की दर 12.84 फीसदी दर्ज की गई। कोरोना के कारण बीते 24 घंटे में कोरोना की वजह 66 लोगों की जान गई। बता दें कि बीते चार महीने में एक दिन में कोरोना से मरने वालों का यह आंकड़ा सबसे अधिक है।
कोरोना मामले पर दिल्ली सरकार एक बार फिर फेल हो गई है। केन्द्र सरकार की लाख चेतावनियों के बावजूद दिल्ली में बीते एक हफ्ते में कोरोना के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। हाई कोर्ट ने मामले पर सरकार को फटकार लगाई है और कहा है कि यदि कोरोना के केस ऐसे ही बढ़ते रहे तो दिल्ली देश की कोरोना कैपिटल बन जाएगी। विशेषज्ञ लंबे समय से कोरोना की दूसरी लहर के लिए अधिक सर्तक रहने की बात कह रहे हैं, बावजूद दिल्ली में साप्ताहिक बाजारों में बसों में सफर करने की खुली छूट दे दी गई, जिसमें कोरोना महामारी गाइडलाइन का थोड़ा भी पालन नहीं किया गया। वहीं सरकार ने आनन फानन में दिवाली पर पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया, जिसको लेकर व्यपारियों में रोष है, सरकार यदि संक्रमण को लेकर गंभीर होती तो पटाखे के लाइसेंस नहीं दिए जाते अब अधिकांश व्यापारियों का पैसा फंस चुका है।
दिल्ली हाईकोर्ट की हिमा कोहली और सुब्रामणम प्रसाद की बेंच ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि कोरोना के मामले ऐसे ही बढ़ते रहे तो दिल्ली जल्द ही देश की कोरोना कैपिटल बन जाएगी। कोर्ट ने कहा कि सरकार कोरोना मामले पर लगातार दलील दे रही है कि टेस्टिंग अधिक की जा रही है, इसलिए कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है। कोर्ट ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया है और सरकार को कोरोना नियंत्रण के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए कहा है। इसी क्रम में सरकार ने आनन फानन में दिल्ली में आतिशबाजी को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने कोरोना काल में चिकित्सकों को वेतन न दिए जाने के मामले पर दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया था।
अधूरी तैयारी के साथ किया अनलॉक
कोरोना संक्रमण को लेकर अक्टूबर महीने के बाद अचानक दिल्ली सरकार लापरवाह हो गई। एक साथ सभी पाबंदियां हटा दी गई, इसका नतीजा यह हुआ कि कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी होने लगी। हालांकि इसी बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनता के नाम दिए अपने संदेश में कहा कि अभी कोरोना गया नहीं है त्यौहार के समय में हमें अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। दिल्ली सरकार ने अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बसों मे सवारियों की क्षमता, साप्ताहिक बाजार लगाने की अनुमति सहित अंर्तराज्यीय बस अड्डे से बसों के आवागमन की अनुमति दे दी। लेकिन इसमें कई फैसलों पर सरकार को पुर्न विचार करना पड़ रहा है। गुरूवार को एक प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री केजवरीवाल ने कहा कि इस बार दिवाली पर पटाखे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे, दिल्ली में कहीं भी किसी भी तरह की आतिशबाजी नहीं की जाएगी। जिसका बाजार के संगठनों ने विरोध किया है, दरीबा कलां के पटाखा व्यापारी ने बताया कि यह सरकारी की अधूरी तैयारी में किया गया फैसला हैं, कोरोना का संक्रमण मार्च से है, बावजूद इसके सरकार ने पटाखों के लिए लाइसेंस जारी किए, अब जिन व्यापारियों ने माल उठा लिया वह नुकसान नहीं झेल सकते। वहीं सदर बाजार के रेहड़ी पटरी बाजार को बंद करने पर भी व्यापारियों मे रोष है, बीते शुक्रवार सदर बाजार में उमड़ी भीड़ का वीडियो वायरल होने के बाद उत्तरी जिला एसडीएम ने सदर बाजार में पटरी दुकानदारों को पूरी तरह अवैध बताते हुए रेहड़ी पटरी कारोबारियों के प्रवेश पर रोक लगा दी। सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए फिलहाल रेहड़ी पटरी का बाजार नहीं लगेगा, बाजार के कारण सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन नहीं हो पा रहा था। कोरोना मानकों का पालन करने के लिए वॉलेंटियर नियुक्त किए गए हैं। मालूम हो कि साप्ताहिक बाजार की अनुमति के साथ ही दिल्ली सरकार ने बस में कम सवारियों की पाबंदी भी समाप्त कर दी है। इसके साथ ही अब सभी अंतराज्यीय बस अड्डों से विभिन्न राज्यों से बसों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है।
दूसरी लहर हो सकती है अधिक घातक
केन्द्र सरकार की लाख चेतावनी के बाद भी कोरोना को लेकर लोगों को लेकर लोग सचेत नहीं है। यही वजह है दिल्ली में कोरोना के केस लगातार बढ़ रहे हैं। एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया के अनुसार कोरोना की दूसरी लहर अधिक घातक हो सकती है, जिसमें वायरस म्यूटेड हो गया है। कम तापमान में कोरोना लंबे समय तक जीवित रहता है, दिल्ली में कोराना के केस बढ़ने की कई प्रमुख वजह हो सकती है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से ही दिल्ली वायु प्रदूषण को झेल रही है, एसपीएम स्तर सामान्य से बेदह कम होने के कारण सांस संबंधी तकलीफ बढ़ी है, इसके साथ ही हल्की ठंड की शुरूआत भी हो गई ऐसे में यदि कोरोना वायरस को सरवाइव करने की अनुचित जगह मिल जाती है तो वह एक ही धरातल पर कई दिनों तक जीवित रह सकता है। इसके साथ ही त्यौहार के मौसम में बाजारों में उमड़ी अनियंत्रित भीड़ को भी इसकी अहम वजह माना जा सकता है। इसलिए दिसंबर तक अधिक सचेत रहने की जरूरत है, विशेषज्ञ अभी तक कोरोना के म्यूटेड वायरस का इलाज नही खोज पाए हैं।