सीएए के उपद्रवियों के सिर पर ईनाम घोषित, कुर्की की कार्रवाई शुरू

    दिनांक 07-नवंबर-2020
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उत्तर प्रदेश में नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में कार्रवाई सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व उपद्रव करने वाले आरोपियों के सिर पर ईनाम घोषित किया गया है। साथ ही कुर्की की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है

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पिछले साल नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ लखनऊ एवं कुछ अन्य जनपदों में जमकर हिंसा की गई थी. सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था. उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया था कि सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से की जाएगी. नोटिस मिलने के बाद काफी उपद्रवियों ने नुकसान की भरपाई कर दिया मगर कुछ ऐसे उपद्रवी हैं जिन्होंने अभी भी नुकसान की भरपाई नहीं की है. पुराने लखनऊ में ऐसे 15 अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. वांछित अभियुक्तों पर 5 हजार का इनाम घोषित किया गया है. इन अभियुक्तों के पोस्टर भी थाना ठाकुरगंज क्षेत्र में लगवाये गए हैं. इसमें मौलाना सैफ अब्बास और शिया धर्मगुरु कल्बे सादिक के पुत्र कल्बे सिब्तेन नूरी का भी पोस्टर लगाया गया है. इन सभी अभियुक्तों के घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दी गई है. इन अभियुक्तों की तलाश में डुगडुगी पिटवाई गई और कुछ अभियुक्तों के घर की कुर्की भी की जा चुकी है.
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष दिसम्बर माह में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश की राजधानी समेत कुछ अन्य जनपदों में जमकर बवाल किया था. एहतियात के तौर पर प्रदेश के सभी जनपदों में धारा 144 लागू की गई थी मगर उसके बावजूद कई जगहों पर पुलिस चौकी में आग लगाई गई थी. पुलिस बल पर भी पथराव किया गया. मीडियाकर्मियों पर भी हमले हुए थे. ओ.बी वैन में भी आग लगा दी गई थी. सबसे ज्यादा बवाल उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुआ था. लखनऊ और संभल में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े थे. कई जगह पर लाठी चार्ज किया गया था. लखनऊ जनपद के सभी 22 मेट्रो स्टेशन को बंद करना पड़ा था. मदेयगंज , खदरा , और ठाकुरगंज में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी. इन इलाकों में गुरिल्ला युद्ध जैसा माहौल था. भीड़ गलियों के अन्दर से निकल कर आ रही थी और पुलिस पर हमला करके भाग जा रही थी. परिवर्तन चौक और बेगम हजरत महल पार्क के पास खड़ी सभी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था. खदरा इलाके में उपद्रव कर रहे लोग छतों पर चढ़कर पथराव कर रहे थे. इन लोगों को तितर - बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए थे.
इसी प्रकार संभल जनपद के सदर इलाके में हिंसक प्रदर्शनकारियों ने सरकारी बस में आग लगा दी थी. एक दर्जन से ज्यादा सरकारी वाहनों में आग लगाई गई थी. हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा था और कहीं - कहीं पर आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े थे.