पाकिस्तान में हिंदुओं पर नहीं थम रहे अत्याचार

    दिनांक 09-नवंबर-2020
Total Views |
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार नहीं थम रहे। ताजा मामला पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संगर क्षेत्र से सामने आया। गत दिनों यहां से हिंदू युवक ओशिश माली रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गए थे। अब उसका शव पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से बरामद हुआ है

HIndu _1  H x W
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार नहीं थम रहे। एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली ख़बरें पड़ोसी देश से आने लगी हैं। 11 विपक्षी दलों के संयुक्त मोर्चा ‘पाकिस्तान डेमोक्रेट मूवमेंट’ के अचानक सक्रिय होने से अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न की ख़बरें आने की रफ्तार कुछ मंद पड़ गई, पर अब इसने फिर जोर पकड़ ली है।
ताजा मामला पाकिस्तान के सिंध प्रांत के संगर क्षेत्र से सामने आया। गत दिनों यहां से हिंदू युवक ओशिश माली रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हो गए थे। अब उसका शव पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से बरामद हुआ है। पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों से संबंधित घटनाओं पर नजर रखने वाले सामाजिक कार्यकर्ता राहत ऑस्टिन ने ट्वीट कर चौंकाने वाली जानकारी दी है। उनके मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा के अहमदिया समुदाय के 75 वर्षीय महबूब अहमद को इस्लामी जिहादियों ने मौत के घाट उतार दिया। मज़हबी मान्यताओं के चलते कट्टरपंथी उक्त वृद्ध के पीछे काफी दिनों से पड़े थे। मौका मिलते ही जिहादियों ने उनकी हत्या कर दी। आरोप है कि हत्यारों के गिरोह का नेतृत्व पेशावर का शेख मुहम्मदी कर रहा था। राहत ऑस्टिन का कहना है कि पाकिस्तान में जिहादी केवल अहमदिया ही नहीं यहूदी, ईसाई, हिंदू और शिया के भी पीछे पड़े हैं। इस क्रम में एक 12 वर्षीय ईसाई लड़की फरहा शाहीन का पंजाब के अहमद आबद के गुलिस्तां कॉलोनी से अपहरण कर लिया गया। इससे पहले उसका कई दिनों तक शारीरिक शोषण किया गया। फिर मोटी रकम वसूल कर शरिया कानून के तहत उसकी 45 वर्षीय मुस्लिम अधेड़ खिजर हयात से निकाह करा दिया गया।
गौरतलब है कि इस वारदात से कुछ दिन पूर्व ही एक 13 वर्षीय हिंदू नाबालिग को भी यही सब कुछ झेलना पड़ा। उसकी मां की फरियाद, ‘‘कृपया मेरी सहायता करें। हम असहाय हैं। कमजोर हैं। हम कुछ नहीं कर सकते। कृपया मेरी बेटी को वापस कर दें। वह सिर्फ 13 साल की है। कृपया हम पर दया करें‘‘-आज भी सोशल मीडिया पर गूंज रही है।
दरअसल, पिछले दिनों 13 वर्षीय सोनिया कुमारी का बलात्कार और कन्वर्जन की नियत से कुछ मज़हबी गुंडों ने अपहरण कर लिया था। उसकी मां ने बेटी को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने के हर संभव प्रयास किए। लेकिन चारों ओर से निराशा हाथ लगी। ऐसे में उन्हें सोशल मीडिया पर गुहार लगानी पड़ी। हालांकि, अभी तक इसका भी कोई प्रभाव देखने को नहीं मिला है। हद यह है कि इस तरह की घटनाओं पर पाकिस्तान का मुख्य धारा का मीडिया कोई ध्यान नहीं देता। ज्ञात हो कि कुछ समय पहले 22 वर्षीय हिंदू लड़की गीता की भी हत्या कर दी गई। उसका शव सिंध के डिप्लो के केनेरो गांव से बरामद किया गया। इसी तरह मीरपुरखास में हथियारबंद लोगों ने एक हिंदू लड़की काजल का अपहरण कर लिया था, जिसका आज तक पता नहीं चल सका।