चीन से विस्थापित होगा सैमसंग, यूपी में 4,825 करोड़ रूपये के निवेश से लगेगी मैन्युफैक्चरिंग इकाई

    दिनांक 14-दिसंबर-2020   
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प्रसिद्ध आईटी कंपनी सैमसंग, अब चीन से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में आ रही है. कोरोना वायरस का संक्रमण जब चीन में फैला तब वहां के शासन तंत्र ने बेहद गैर जिम्मेदारी से कार्य किया.  कोरोना आपदा को उत्तर प्रदेश की सरकार ने अवसर में बदलने का प्रयास किया.
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प्रसिद्ध आईटी कंपनी सैमसंग, अब चीन से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश में आ रही है. कोरोना वायरस का संक्रमण जब चीन में फैला तब वहां के शासन तंत्र ने बेहद गैर जिम्मेदारी से कार्य किया.  कोरोना आपदा को उत्तर प्रदेश की सरकार ने अवसर में बदलने का प्रयास किया. इसी प्रयास का नजीजा है कि सैमसंग उत्तर प्रदेश में मोबाइल और आईटी डिसप्ले उत्पादों का निर्माण करने जा रही है. नोएडा में स्थापित होने जा रहे सैमसंग के इस नए मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना से प्रदेश में करीब 4,825 करोड़ रुपये का निवेश होगा. भारी-भरकम निवेश और औद्योगिक विकास को देखते हुए योगी सरकार ने सैमसंग के इस प्रोजेक्ट को विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है.

 

मेसर्स सैमसंग डिस्प्ले नोएडा प्राइवेट लिमिटेड को उ.प्र.इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति -2017' के अन्तर्गत पूंजी उपादान, भूमि हस्तान्तरण पर स्टाम्प ड्यूटी में छूट की अनुमन्यता होगी. चीन से विस्थापित होकर उत्तर प्रदेश आ रही इस परियोजना को पूँजी उपादान के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार स्थिर पूंजी निवेश में पुरानी मशीनों की लागत को भी अनुमन्य किया जायेगा. इस परियोजना के लिए प्रदेश सरकार पर 5 वर्षों की अवधि में 250 करोड़ रूपये का वित्तीय उपाशय अनुमानित है. इस इकाई में करीब डेढ़ हजार लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलेगा. कंपनी को भारत सरकार की योजना "स्कीम फॉर प्रोमोशन ऑफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रानिक कम्पोनेन्ट्स एण्ड सेमीकण्डक्टर्स" के अन्तर्गत भी लगभग ₹460 करोड़ का वित्तीय प्रोत्साहन भी प्राप्त होगा.

 

विश्व में टीवी, मोबाइल फोन, टैबलेट, घड़ियों आदि में उपयोग होने वाले कुल डिस्प्ले उत्पाद का 70 प्रतिशत से अधिक सैमसंग द्वारा दक्षिण कोरिया, वियतनाम तथा चीन में निर्मित होता है. डिस्प्ले इकाईयों का प्रस्तावित निवेश मूल उत्पाद का एक ज्यादा लागत वाला हाई टेक्नोलोजी कम्पोनेन्ट है.प्रदेश में डिस्प्ले से सम्बन्धित फैब इकाई की स्थापना हेतु यह इकाई एक मील का पत्थर साबित होगी. पिछले वित्तीय वर्ष में 27 बिलियन डॉलर के निर्यात के साथ मेसर्स सैमसंग उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा निर्यातक है. सैमसंग ग्रुप ने अगले 5 वर्षों में कुल 50 बिलियन डालर का निर्यात लक्ष्य रखा है