धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को रोजगार से जोड़ रही है प्रदेश सरकार – डॉ. नीलकंठ तिवारी

    दिनांक 14-दिसंबर-2020   
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गाजियाबाद जनपद के इंदिरापुरम में मात्र दो वर्ष के भीतर ही कैलाश मानसरोवर भवन बन कर तैयार हो गया. इस भवन का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उदघाटन किया.  अभी तक के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी सरकार ने हिन्दुओं के लिए इस प्रकार के भव्य भवन का निर्माण कराया है. इस भवन के निर्माण के पीछे सरकार का क्या उद्देश्य है? और इस भवन में किस प्रकार की सुविधायें होंगी.? इन मुद्दों पर पांचजन्य के ब्यूरो चीफ सुनील राय ने धर्मार्थ, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी से विशेष बातचीत की. प्रस्तुत हैं संपादित अंश --


 
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कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण कराने का उद्देश्य क्या है ?

कैलाश मानसरोवर की यात्रा बहुत ही कठिन यात्रा है. देश के कोने – कोने से तीर्थ यात्री कैलाश मानसरोवर के लिए जाते हैं. इसलिए हमारी सरकार ने यह विचार किया कि गाजियाबाद के पास अगर कैलाश मानसरोवर भवन बना दिया जाय तो इससे देश भर के श्रद्धालुओं को सुविधा हो जायेगी. जो  लोग कैलाश मानसरोवर की  यात्रा पर जायेंगे. उन्हें लगातार यात्रा नहीं करनी पड़ेगी. इस भवन में विश्राम करके वो लोग फिर अपनी धर्मिक यात्रा के लिये आगे बढ़ सकेंगे.

 

इस भवन में क्या सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी ?

कैलाश मानसरोवर भवन में कुछ कमरे दो बेड के बनाये गए हैं. कुछ लोग समूह में भी यात्रा पर जाते हैं. उन लोगों को ध्यान में रखते हुए कुछ कमरे तीन बेड के और कुछ कमरे चार बेड के बनाये गए हैं. सभी कमरों में ए.सी लगाया गया है. साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा. आडिटोरियम आदि की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं.

 

आपकी सरकार में ऐतिहासिक रूप से कुम्भ का आयोजन कराया गया. वाराणसी में धर्मार्थ कार्य तेजी से कराए जा रहे हैं. धार्मिक स्थलों के विकास पर विशेष रूप से फोकस किया जा रहा है. इसका क्या कारण है ?



पूर्व में जो भी लोग सरकार में थे. उन लोगों ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया. काशी की बात हो, अयोध्या का विकास हो या फिर कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण हो. हम लोग सभी धार्मिक स्थलों का विकास कर रहे हैं. धार्मिक स्थल के साथ ही साथ पर्यटन स्थल का भी विकास कर रहे हैं. उन पर्यटन स्थलों से लोगों को रोजगार मिलें इस दिशा में भी कारगर कदम हमारी सरकार ने उठाये हैं.