अरमान और अजहर ने बहन के दोस्त अंशु का गला रेत डाला

    दिनांक 17-दिसंबर-2020
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संजीव कुमार
बिहार में भी अंकित सक्सेना जैसी घटना दोहरायी गई। पटना के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के संदलपुर गांव में 19 वर्षीय अंशु की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई, क्योंकि वह एक मुस्लिम लड़की से प्रेम करता था। किशोरी के भाई अरमान मलिक और अजहर ने बड़ी निर्ममता से उसका गला रेत डाला।
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बिहार में भी अंकित सक्सेना की घटना दोहरायी गई। 19 वर्षीय अंशु की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि वह एक मुस्लिम लड़की से प्रेम करता था। पिछले 12 दिसंबर की देर रात अंशु उर्फ लक्की किंग की हत्या पटना के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के संदलपुर गांव में कर दी गई। किशोरी ने फोन कर किशोर को मिलने के लिए बुलाया। डिलवरी ब्वॉय का काम करने वाला अंशु लड़की केबुलावे पर किशोरी से मिलने चला गया। वहां पहले से घात लगाये चार लोगों ने मिलकर अंशु की हत्या कर दी। किशोरी के भाई अरमान मलिक ने सिर पर ईंट रखी और अजहर ने उसका गला रेत डाला। बिजली मिस्त्री का काम करने वाले अजहर की पहचान एक अपराधी के रूप में इलाके में है। यह घटना जहां घटी वहां से कुछ दूर पर ही बिहार में लंबे समय से गृह सचिव के पद पर तैनात आमिर सुबहानी का ससुराल है।

यह घटना अजीमाबाद कॉलोनी के सेक्टर डी में लड़की के घर से कुछ दूर पर ही घटित हुई। लड़की के भाई अमन उर्फ अरमान मलिक ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। जिस चापर से अंशु का गला रेता गया था, वह भी प्राप्त हो गया है। अभियुक्तों ने अंशु की हत्या कर लाश को सड़क किनारे फेंक दिया था। अंशु के चाचा कृष्णदेव साहनी ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि रात दो बजे लड़की ने फोन करके अंशु को बुलाया था। वह देर तक नहीं लौटा तो उसके मोबाइल पर फोन किया गया। मोबाइल स्वीच आॅफ मिला। अंशु अक्सर रात अपने दोस्त के घर चला जाता था। कई बार उसका फोन स्वीच आॅफ मिलता था।

सुबह वह घर आ जाता था, लेकिन इस बार अंशु जब वापस नहीं लौटा तो परिवार वालों को आशंका हुई। सुबह में घर के लोग उसे ढूंढ़ने निकले। एक मछली बेचने वाले ने बताया कि उसका शव अजीमाबाद के गली में पड़ा है। यह सुनकर अंशु के चाचा जब वहा पहुंचे तो देखा कि तेज धारदार वाले हथियार से गला रेत कर अंशु की हत्या कर दी गई है। उसका शव देख नागरिकों का आक्रोश भड़क गया। लोग सड़कों पर जमा हो गए। भीड़ के तेवर देख डीएसपी अमित शरण, बहादुरपुर थानाध्यक्ष सनोवर खान, सुलतानगंज थानाध्यक्ष शेर सिंह राणा तथा आलमगंज थानाध्यक्ष सुधीर कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच कर भीड़ को समझाने लगे। पुलिस को भी नागरिकों के आक्रोश का सामना करना पड़ा। अंशु की मां आरती देवी ने बहादुरपुर थाने में केस दर्ज कर नाबालिग लड़की, उसके भाई, पिता तथा फुफेरे भाई को नामजद किया है।

बहादुरपुर थानाक्षेत्र में रहने वाले अंशु के पिता संजय साहनी की मौत पहले ही हो चुकी है। अंशु तीन भाइयों में मंझला था। बड़ा भाई रीतेश साहनी निजी वाहन चलाता है। सबसे छोटा पिशु साहनी मछली बेचता है। अंशु भी डिलवरी ब्वॉय का काम करता था। सामान देने के क्रम में ही उसकी पहचान लड़की से हुई थी। उसके बाद दोनों अक्सर मिलते थे। किसी दिन अंशु को लड़की के साथ अरमान ने देख लिया था। उस दिन से ही इसे ठिकाने लगाने का उपाय ढूंढ़ने लगा। कई बार उसने अंशु को देख लेने की धमकी भी दी थी। अंशु की गलती यह थी कि उसने इस संबंध में अपने परिजनों को कुछ नहीं बताया। किशोरी भी नाबालिग है। उसकी उम्र 14 साल बतायी जा रही है।