‘लव जिहाद’ पर सख्त शिवराज

    दिनांक 21-दिसंबर-2020
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महेश शर्मा


मध्य प्रदेश में विश्लेषकों ने करीब 20 साल पहले लव जिहाद को सोची-समझी साजिश करार देते हुए भविष्य में इस प्रवृत्ति के बढ़ने की आशंका जाहिर की थी, जो आज सच साबित हुई है

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लव जिहाद अपने बर्बर रूप में देश में अनेक जगह दिखाई दे रहा है, म.प्र. में भी इसके विरुद्ध कड़ा कानून बन रहा

लगभग दो दशक बीत गए जब भोपाल की मुस्लिम बहुल बस्ती बुधवारा स्थित महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय को नए भोपाल में कमला पार्क रोड, प्रोफेसर कॉलोनी स्थानांतरित कर दिया गया था। उन दिनों इस महाविद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के घर से भागने और अन्य समुदाय के युवकों से शादी की घटनाएं एकाएक बढ़ने लगी थीं। तब बड़ी संख्या में ऐसी शिकायतें सामने आई थीं कि कन्या महाविद्यालय के आसपास नजदीकी बस्ती के युवक मंडराते रहते हैं और छात्राओं को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उन्हें बहकाते हैं। प्रदेश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए प्रोफेसर कॉलोनी स्थित हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय को बुधवारा भेजे जाने के आदेश दिए और कन्या महाविद्यालय को प्रोफेसर कॉलोनी में स्थानांतरित कर दिया। तब ही विश्लेषकों ने इस तरह के विवाहों को सोची-समझी साजिÞश करार देते हुए भविष्य में इस प्रवृत्ति के बढ़ने की आशंका जाहिर की थी। लेकिन अब शासन ने इस पर रोक लगाने के लिए कमर कस ली है।

आज अपनी पहचान छिपाकर शादी करने और जबरिया कन्वर्जन की कई घटनाएं सामने आई हैं जिसमें नाम बदलकर या युवतियों को बरगलाया जा रहा है। धोखे का खुलासा होने पर मुंह बंद करने के लिए अत्याचार किया जाता है। ऐसी घटनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने ‘लव जिहाद’ को अपराध करार देते हुए कानून बनाया और अब मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान सरकार भी 28 दिसंबर से प्रस्तावित विधानसभा के शीतकालीन सत्र में ‘लव जिहाद’ पर रोक लगाने के लिए ‘मध्य प्रदेश धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2020’ लाने जा रही है। प्रस्तावित विधेयक में जबरन कन्वर्जन और धोखे से प्रेमजाल मेंं फंसाकर विवाह करने पर दस साल की सजा का प्रावधान होगा। प्रदेश के गृह मंत्री डॉ़ नरोत्तम मिश्र कहते हैं, ‘‘दस वर्ष तक की सजा के प्रावधान से आरोपी थाने से जमानत नहीं ले पाएंगे,उनका यह अपराध गैर जमानती होगा।’’

प्रस्तावित विधेयक के मसौदे को लेकर गृह विभाग के उच्चाधिकारी लगातार मंथन कर रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों के साथ इस मसौदे पर विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री स्पष्ट कहते हैं, ‘‘राज्य में किसी भी तरह की धमकी या धोखे से कन्वर्जन और लव जिहाद नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सरकार प्रस्तावित कानून में कड़े प्रावधान करने जा रही है।’’ सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित कानूून में यह प्रावधान किया जा रहा है कि किसी भी तरह की शैक्षणिक, सामाजिक या पांथिक संस्था यदि ऐसी प्रवृत्ति को प्रोत्साहित करे तो उसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी।

कानून में होंगे ये प्रावधान
दरअसल कानून में यह प्रावधान किया  जा रहा है कि जो संस्थाएं इस तरह के विवाह के लिए दान देंगी या फिर चंदा एकत्र करेंगी, उनका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। साथ ही यह प्रावधान भी किया जा रहा है कि जो पांथिक रस्म कराने वाले ऐसे विवाह संपन्न कराएंगे, वे भी दोषी समझे जाएंगे। अलग-अलग मतों के व्यक्तियों के बीच होने वाला कोई भी विवाह जिला मजिस्ट्रेट को पूर्व सूचना दिए जाने के बाद ही संपन्न हो सकेगा। मिश्र कहते हैं, ‘‘ प्रस्तावित कानून में यह सिद्ध करने की जिम्मेदारी कि कन्वर्जन नहीं हुआ, आरोपी की ही रहेगी। पीड़िता ही नहीं बल्कि उसके सगे-संबंधी भी पुलिस रिपोर्ट दर्ज करा सकेंगे। महत्वपूर्ण प्रावधान यह रहेगा कि कन्वर्जन के उद्देश्य से किया गया विवाह अवैध और शून्य घोषित किया जा सकेगा। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि लव जिहाद के मामले सत्र न्यायालय से नीचे की अदालतों में न सुने जाएं।’’ तैयार मसौदे के अनुुसार छलपूर्वक या बलपूर्वक कन्वर्जन संज्ञेय, गैरजमानती अपराध होगा और यदि पीड़ित नाबालिग अथवा अनुसूचित जाति-जनजाति से होगा/होगी, तो अधिकतम 10 वर्ष की कैद के साथ 50,000 रु. जुर्माने का प्रावधान भी रखा जा रहा है। प्रस्तावित कानून में प्रावधान है कि मजहबी पहचान छिपाए जाने पर तीन से दस साल तक की कैद और 50,000 रु. जुर्माना किया जाएगा। समूह में कन्वर्जन (दो या दो से अधिक व्यक्तियों का) कराए जाने पर 5 से 10 साल तक जेल के साथ ही एक लाख रु. जुर्माने का प्रावधान किया जा रहा है। गृह मंत्री के अनुसार मप्र सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा कानून अन्य भाजपा शासित राज्यों के लव जिहाद कानून से ज्यादा कड़ा होगा। प्रस्तावित कानून में आरोपी की संपत्ति जब्त करने, और यदि पीड़िता को तलाक दिया जाता है तो गुजारा भत्ता दिलाए जाने का प्रावधान भी किया जा रहा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा कहते हैं,‘‘शासन द्वारा उठाया जा रहा यह कदम अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसके सकारात्मक और दूरगामी परिणाम दिखाई देंगे।’’ शर्मा स्पष्ट करते हैं, यह अंकुश बदनीयती होगा, सामाजिक सौहार्र्द और प्रेम पर नहीं।