15 जनवरी से 27 फरवरी तक चलेगा श्रीराम मंदिर निधि समर्पण अभियान

    दिनांक 22-दिसंबर-2020   
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16 दिसंबर को नई दिल्ली में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निधि समर्पण अभियान की घोषणा करते हुए विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव श्री चंपत राय ने कहा कि आगामी मकर संक्रांति (15 जनवरी) से माघ पूर्णिमा (27 फरवरी) तक चलने वाले इस सघन अभियान में विहिप के कार्यकर्ता देश के 4,00000 गांवों के 11 करोड़ परिवारों से संपर्क मंदिर के लिए सहयोग प्राप्त करेंगे।

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नई दिल्ली में पत्रकारों को संबोधित करते श्री चंपत राय। साथ में हैं (बाएं से) श्री विनायक राव देशपांडे और श्री विजय शंकर तिवारी

अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर बनने वाले भव्य मंदिर के लिए देशभर के प्रत्येक रामभक्त का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता पूज्य संतों व शेष समाज के लोगों के साथ घर-घर जाएंगे। 16 दिसंबर को नई दिल्ली में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निधि समर्पण अभियान की घोषणा करते हुए विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव श्री चंपत राय ने कहा कि आगामी मकर संक्रांति (15 जनवरी) से माघ पूर्णिमा (27 फरवरी) तक चलने वाले इस सघन अभियान में विहिप के कार्यकर्ता देश के 4,00000 गांवों के 11 करोड़ परिवारों से संपर्क मंदिर के लिए सहयोग प्राप्त करेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए न्यास ने 10, 100 तथा  1000 रुपए के कूपन व रसीदें छापी हैं। समाज जैसा देगा उसी के अनुरूप कार्यकर्ता कूपन या रसीद देंगे।
उन्होंने कहा कि देश की हर जाति, मत, पंथ, संप्रदाय, क्षेत्र, भाषा के लोगों के सहयोग के साथ राम मंदिर वास्तव में एक राष्ट्र मंदिर का रूप लेगा। असंख्य रामभक्तों के संघर्ष व बलिदान को नमन करते हुए उन्होंने प्रत्येक रामभक्त से इस राम काज के लिए बढ़-चढ़ कर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें सिर्फ निधि-दानी ही नहीं, अपितु समय-दानी भी चाहिए। श्री राय ने बताया कि मंदिर के निर्माण की तैयारी चल रही है। मुंबई, दिल्ली, चेन्नै तथा गुवाहाटी के आईआईटी, सीबीआरआई रुड़की, लार्सन एंड टूब्रो तथा टाटा के विशेषज्ञ इंजीनियर मंदिर की मजबूत नींव पर परामर्श कर रहे हैं। बहुत शीघ्र नींव का प्रारूप सामने आ जाएगा। संपूर्ण मंदिर पत्थरों का है। प्रत्येक तल की ऊंचाई 20 फीट, लंबाई 360 फीट तथा चौड़ाई 235 फीट है। 

पहले कैलाश मानसरोवर भवन का लोकार्पण

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उत्तर प्रदेश में नवनिर्मित कैलाश मानसरोवर भवन
गत दिनों भारत के पहले ‘कैलाश मानसरोवर भवन’ का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, ‘‘कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण में लगातार रोड़े अटकाए गए, जबकि हज हाऊस का निर्माण कानून को ताक पर रखकर किया गया था।’’ कैलाश मानसरोवर भवन दिल्ली के पास गाजियाबाद के इंदिरापुरम में है। कैलाश मानसरोवर यात्रियों के लिए बनाए गए इस भवन में दूसरे पर्यटक भी ठहर सकते हैं। यहां से नई दिल्ली का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा काफी नजदीक है। उत्तर प्रदेश के जेवर में बनने वाला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी ज्यादा दूर नहीं है। भवन में सभी कमरे वातानुकूलित हैं। योग और ध्यान कक्ष भी हैं। यह भवन 110 करोड़ रु. की लागत से बना है। फिलहाल यहां 280 श्रद्धालु ठहर सकेंगे। पूरी तरह तैयार होने के बाद  इसमें 500 श्रद्धालु ठहर सकते हैं। उत्तर प्रदेश के धर्मार्थ, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने बताया कि जो लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाएंगे, उन्हें यहां ठहरकर आनंद की अनुभूति होगी। भवन का शिलान्यास 2017 में योगी आदित्यनाथ ने ही किया था।  लखनऊ ब्यूरो