पाकिस्तान: खैबर पख्तूनख्वा में कट्टरपंथियों ने स्वामी परमहंस की समाधि और मंदिर ढहाया, आग भी लगाई

    दिनांक 31-दिसंबर-2020   
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 मीम अलिफ हाशमी

पाकिस्तान स्थित खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हिंदुओं के लिए पूज्यनीय स्वामी परमहंस जी महाराज की समाधि एवं मंदिर को कट्टरपंथियों की पगलाई भीड़ ने तहस-नहस कर दिया। उसमें आग भी लगाई। इस दौरान स्थानीय लोग तमाशाई बने रहे। पुलिस घटनास्थल पर तब पहुंची जब मंदिर और समाधि एक तरह से जमींदोज हो चुकी थी।
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इमरान खान के ‘नए पाकिस्तान’ में अल्पसंख्यकों और उनकी संस्कृति को बचाने एवं उनके उत्थान के लिए कितना बढ़िया काम किया जा रहा, इसका एक ताजा नमूना सामने आया है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हिंदुओं के लिए पूज्यनीय स्वामी परमहंस जी महाराज की समाधि एवं मंदिर को कट्टरपंथियों की पगलाई भीड़ ने तहस-नहस कर दिया। उसमें आग भी लगाई। इस दौरान स्थानीय लोग तमाशाई बने रहे। पुलिस घटनास्थल पर तब पहुंची जब मंदिर और समाधि एक तरह से जमींदोज हो चुकी थी।

घटना से संबंधित दो वीडियो सामने आए  है। । उन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता कि मंदिर को न केवल सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया, घटना के बाद वहां पुलिस वाले केवल खानापूर्ति करने पहुंचे। वाक्ये के चौबीस घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं है।

 दरअसल सोशल मीडिया पर मंदिर को ध्वंश करने का जो पहला वीडियो वायरल हो रहा है वह 35 सेकंड का है। इसमें उन्मादी भीड़ मंदिर को चारों ओर से घेरे और हथौड़े व दूसरे औजारों से उसकी दीवारें तोड़ती नजर आ रही है। जबकि बड़ी संख्या में लोग उसकी छत पर चढ़कर तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा वहां सैंकड़ों की संख्या में लोग मूकदर्शक बने दिखाई दे रहे हैं।

घटना से संबंधित एक अन्य वीडियो पाकिस्तान के वकील एवं एक्टिविस्ट राहत आस्टीन के ट्वीटर हैंडल से साझा किया गया। यह वीडियो 2:09 सेकंड का है, जो मंदिर और समाधि स्थल को नेस्तनाबूद करने की दास्तां बयां करता है। वीडियो में मंदिर की तमाम दीवारें और छतें ढहाई हुई नजर आ रही हैं। गर्भगृह से देवी-देवताओं की मूर्तियां गायब हैं। राहत आॅस्टीन के वीडियो में खंडहर को घेरे कुछ हथियारबंदर पुलिस वाले भी नजर आते हैं, पर उनकी ओर से अब तक किसी की गिरफ्तारी या किसी तरह की कोई कार्रवाई की सूचना नहीं दी गई है।


घटना को लेकर एक पत्रकार ने अपने ट्वीटर हैंडल से मंदिर से संबंधित कुछ जानकारियां साझा की हैं। उसके मुताबिक, तेरी गांव में स्वामी परमहंस जी महाराज की ऐतिहासिक समाधि है। 1997 में एक स्थानीय मुफ्ती उसके कुछ हिस्से को नष्ट कर उसपर काबिज हो गया था। मगर कुछ सुधि हिंदुओं की पैरवी के चलते 2015 में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में उसे न केवल बहाल कर दिया गया, उसके विस्तार की भी इजाजत दे दी गई। बताते हैं, कि कोर्ट के उक्त फैसले के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय मंदिर के विकास के प्रयास में लगा था। इस बीच बुधवार को कट्टरपंथियों की पगलाई भीड़ ने हमला कर मंदिर और समाधि को तहस-नहस कर दिया। उसमें आग लगा दी। आश्चर्यजनक है कि इतनी बड़ी घटना पर पाकिस्तान सरकार और वहां की मीडिया बिल्कुल खामोशी अख्तियार किए हुए है। किसी ओर से अब तक एक शब्द नहीं कहा गया और न लिखा गया। पाकिस्तान के नेता भी चुप्पी साधे हैं। पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ताच्यूत करने के लिए अभियान छेड़ने वाले 11 विपक्षी दलों के पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट की ओर से भी कोई प्रतिक्र्रिया नहीं आई है।