समतामूलक समाज की स्थापना करना ही संघ का लक्ष्य
   दिनांक 10-फ़रवरी-2020
 
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संगोष्ठी को संबोधित करते श्री अरुण कुमार। मंच पर हैं श्री प्रभु नारायण
 
बीते दिनों लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, अवध प्रान्त द्वारा डॉ. राममनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के आम्बेडकर सभागार में ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ -विचार और कार्य’ विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख श्री अरुण कुमार उपस्थित थे। संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में संघ के प्रति अनुकूलता का माहौल है। समाज जीवन में बहुत बड़ा वर्ग है जो संघ से जुड़ना चाहता है। इस प्रकार की संगोष्ठी का आयोजन देशभर में विभिन्न स्थानों पर संघ को बताने व समझाने के लिए किया जा रहा है। संघ का कोई कितना भी विरोधी क्यों न हो, एक बार शाखा में आ गया तो फिर वह संघ का होकर रह जाता है। 1964 में बाबू जयप्रकाश नारायण संघ के संपर्क में आए। बिहार में अकाल के समय वे संघ कार्य को देखकर प्रभावित हुए। जयप्रकाश नारायण ने दिल्ली के संघ कार्यक्रम में कहा कि मेरी सम्पूर्ण क्रांति का स्वप्न कोई साकार करेगा तो वह संघ ही होगा। इसलिए हम ऐसे सभी लोगों से आग्रह करते हैं कि वे थोड़ा और नजदीक आएं तथा संघ को समझने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि संघ प्रत्येक स्वयंसेवक में राष्ट्र के प्रति भक्ति, समाज के प्रत्येक व्यक्ति के प्रति प्रेम, समाज जीवन में अंतिम क्षण तक समर्पण और बिना किसी भेदभाव के लोगों को स्नेहभाव देना, ऐसे चार प्रकार के गुणों को विकसित करता है। इसलिए संघ दुनिया का इकलौता ऐसा अद्भुत संगठन है, जहां कार्यकर्ता को आगे बढ़ते देखकर सुखद अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन राष्ट्र, हिन्दू राष्ट्र और एक राष्ट्र है, यही संघ का विचार है। इस विचार में कभी कोई बदलाव नहीं होगा। इस अवसर पर अवध प्रान्त के संघचालक श्री प्रभुनारायण उपस्थित रहे। गोष्ठी का संचालन प्रान्त प्रचार प्रमुख डॉ.अशोक दुबे ने किया।