लॉस एंजिल्स में सीएए पर हुई संगोष्ठी
    दिनांक 12-फ़रवरी-2020
भारतीय विचार मंच ने लॉस एंजिल्स में नागरिकता संसोधन अधिनियम को फैलाए जा रहे भ्रम और उसकी आवश्यकता के बारे में जानकारी देने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया

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सीएए पर जानकारी लेते लोग
नागरिकता संशोधन अधिनियम पर फैलाए जा रहे भ्रम को लेकर अमरीका के कैलिफोर्निया प्रांत के शहर लॉस एंजिल्स में भारतीय विचार मंच ने एक संगोष्ठी का आयोजन किया। सेरिटोस पब्लिक लाइब्रेरी में हुए इस कार्यक्रम में 120 बुद्धिजीवी एकत्रित हुए और भारत सरकार द्वारा लाए गए नागरिकता संसोधन अधिनियम के बारे में दी गई जानकारी को सुना।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अमित देसाई ने किया। कश्मीर हिंदू फाउंडेशन के संस्थापक डॉ. अमृत नेहरू ने कहा कि पाकिस्तान में हो रहे हिंदुओं के नरसंहार के बारे में ऐतिहासिक तथ्य देते हुए नागरिकता संसोधन अधिनियम की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। समाजिक कार्यकर्ता और पेशे से फीजिशियन डॉ. बंटवारे के दौरान हिंदुओं और सिखों पर हुए अत्याचारों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा लाया गया नागरिकता संशोधन अधिनियम बंग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों के लिए एक सौगात है। सीएए को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है कि भारतीय मुसलमानों की नागरिकता चली जाएगी जबकि किसी भी कानून के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता। यह बिल्कुल झूठ है इसका कोई आधार नहीं है। एक साजिश के तहत इस तरह का भ्रम फैलाया जा रहा है।
समाजिक कार्यकर्ता सनमाय मुखोपाध्याय ने 1947 के बंटवारे और 1971 के दौरान पूर्वी पाकिस्तान (आधुनिक बांग्लादेश) में अपने परिवार के भयावह अनुभव के बारे में बताते हुए कहा कि इस्लामिक देशों से आने वाले हिंदू, सिख, जैन और अन्य अल्पसंख्यकों के लिए सीएए बहुत जरूरी है।
सैन फ्रांसिस्को में भारत के कौंसिल जनरल संजय पांडा ने नागरिकता संशोधन अधिनियम की आवश्यकता पर भारत के पहले प्रधानमंत्री, जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे स्वयं नेहरू ने भी सीएए की जरूरत बताई थी। इसके अलावा उन्होंने भारत के कई पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा सीएए को लेकर की गई टिप्पणियों और उसकी जरूरत के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हर देश के पास अपने नागरिकों का रजिस्टर होता है। यह कोई नई चीज नहीं है। एनआरसी भारत की भी जरूरत है। कार्यक्रम में सेरीटोस शहर के सम्मानित महापौर श्री नरेश सोलंकी, सिख, जैन समुदाय, हिंदू मंदिर के अधिकारी समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।
डॉ. अमित देसाई और श्री प्रवीण तंवर ने लोगों द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब दिया। अधिकतर प्रश्न सीएए को लेकर सेकुलर मीडिया द्वारा चलाए जा रहे एजेंडे को लेकर थे। विशेषज्ञों के पैनल ने सीएए पर तथ्यों के साथ लोगों को और अधिक शिक्षित करने की आवश्यकता की बात कही। भारतीय विचार मंच का मिशन संवाद को बढ़ावा देना है जिसके द्वारा धर्म दर्शन, संस्कृति और परंपराएं वैश्विक विचार और क्रिया को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं।