बाड़मेर जिला संघचालक पुखराज गुप्ता का निधन
   दिनांक 13-फ़रवरी-2020
 
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22 जनवरी 2020 बाड़मेर जिले में रहने वालों हजारों स्वयंसेवकों व स्थानीय नागरिकों के लिए एक दुखद रात बन कर आई। इस रात को बाड़मेर जिला संघचालक के दायित्व को 20 वर्षों से निभाने वाले श्री पुखराज गुप्ता का स्वर्गवास हो गया। इस खबर को जिसने भी सुना वह स्तब्ध हो गया। बाड़मेर शहर में हंजारीमल व वरजू देवी के यहां पुखराज गुप्ता का जन्म 2 अक्टूबर 1939 को हुआ था। बाल्यकाल से ही संघ के संपर्क में आए एवं संघ के मुख्य शिक्षक, कार्यवाह, नगर कार्यवाह, जिला कार्यवाह एवं वर्तमान में जिला संघचालक के दायित्व का निर्वहन कर रहे थे। जिस दायित्व पर रहे उसको हिमालय सी ऊंचाई दी।
छात्र जीवन में सदैव कक्षा में प्रथम रहा करते थे एवं हायर सैकण्डरी की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास करने पर तत्कालीन जिलाधीश ने तुरंत कनिष्ठ लिपिक की नियुक्ति प्रदान की। नौकरी के दौरान राजनीतिक कारणों से उनका स्थानान्तरण जिले में व जिले से बाहर किए गए परंतु इन विपरीत परिस्थितियों में भी आपने संघ का कार्य प्रत्येक स्थान पर प्रारंभ किया। राष्ट्र कार्य के लिए इन्होंने एक क्षण में नौकरी का त्याग कर दिया और आप पुनः बाड़मेर आ गए, लेकिन जोधपुर के तत्कालीन जिलाधीश ने इनके कार्य को देखते हुए नौकरी न छोड़ने की सलाह दी लेकिन उनको संघ कार्य में बाधा महसूस हो रही है यह कह कर मना कर दिया। आपने बाड़मेर में 51 वर्षों तक कोचिंग चलाया जिसका नाम राष्ट्रीय शिक्षण केंद्र रखा। आप अद्वितीय मेघावी शिक्षक थे। दोनों हाथों से लिखना व समझाने की उनकी अपनी एक अलग शैली थी। इस शिक्षण संस्थान की प्रतिष्ठा इतनी अधिक बनी कि बाड़मेर का हर तेजस्वी बालक इस केंद्र से ही निकलता था।
प्रतिभा के धनी पुखराज गुप्ता प्रखर वक्ता, श्रेष्ठ खिलाड़ी, अच्छे गायक एवं कुशल संगठक थे। आप चलता फिरता गीत, कविता और आलेख थे। संघ के किसी भी ध्येय गीत को आप गुनगुनाएं, पुखराज जी उन शब्दों और भावों को जीते थे। 1965 के भारत-पाक युद्ध के समय रेलवे स्टेशन पर कैंटीन प्रारंभ करना एवं आने वाले सभी सैनिकों के लिए भोजन की व्यवस्था करना तथा रात्रिकालीन पेट्रोंलिग करने के लिए जिला प्रशासन ने इन्हीं के नेतृत्व में संघ को पूरा कार्य सौंपा था जिसका सफल और श्रेष्ठ संचालन इन्हीं के द्वारा किया गया था। तत्पश्चात जिला प्रशासन ने इन्हें सम्मानित भी किया था। इसी प्रकार से सन् 1971 के भारत-पाक युद्ध के समय भी जिला प्रशासन ने इन्हीं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी तथा सेना के लिए हर प्रकार की सामग्री तथा निशुल्क भोजन की व्यवस्था आदि निभाने के लिए कहा गया तब आपातकालीन स्वयंसेवकों को बुलाकर सारी व्यवस्थाएं पूरी की गई। जब रेलवे स्टेशन पर पाकिस्तान द्वारा माल गोदाम पर बम गिराए गए तब वहां पर डीजल के बैरल भरे हुए थे अगर समय पर इनको नहीं हटाया गया होता तो भयंकर आगजनी हो सकती थी, इस कार्य को भी पुखराज जी गुप्ता व स्वयंसेवकों के द्वारा पूर्ण किया गया।
राम जन्मभूमि आंदोलन के समय जिस समय 30,31 अक्टूबर को कार सेवा तय की गई थी उस समय उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव द्वारा चेतावनी दी गई थी कि यहां परिंदा भी पर नहीं मार सकता ऐसे डर के माहौल में भी स्वयंसेवकों को विश्व हिन्दू परिषद की केंद्र की नीति के अनुसार बाड़मेर से 125 से भी अधिक कारसेवकों को कार सेवा के लिए भेजा गया। कार सेवा में मथुरा की जेल में बाड़मेर के कारसेवकों को भयंकर यातनाएं दी गई थी इस कार सेवा का नेतृत्व स्वयं पुखराज जी गुप्ता ने किया था।
1975 में जब आपातकाल में इंदिरा गांधी ने हाईकोर्ट के निर्णय को न लागू करते हुए लगाया उस समय पूरे समय तक आप 21 महीने तक जेल में रहे, जेल में रहते हुए कभी भी पीछे मुड़कर परिवार और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के बारे में नहीं सोचा और अपनी माताजी के देहांत होने पर सरकार ने इनकी पैरोल बढ़ाई तो उन्होंने अस्वीकार करते हुए पुनः जेल में जाना ही स्वीकार किया।
चाहे बाढ़ हो या अकाल हो संघ की ओर से प्रशासन को हर प्रकार के सहयोग को अल्प समय में योजनाबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाना इनकी विशिष्टता रही है। क्षण मात्र के लिए भी कभी वैचारिक विचलन उनके जीवन में नहीं देखा गया। एक बार जिस ध्येय के लिए चले आजीवन उसको पूरी ताकत के साथ निभाया और ऊंचे आदर्श स्थापित किए।
पुखराज जी गुप्ता के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश माथुर ने गहरा दुःख व्यक्त किया। उन्होंने कहा गुप्ता के निधन से संघ को अपूर्णीय क्षति हुई है।
पुखराज जी गुप्ता नियमित पांचजन्य के पाठक थे। इन्हें के प्रयासों से बाड़मेर में पांचजन्य का कार्य विस्तार में आया। गुप्ता जी आज तक जितने भी पांचजन्य प्रतिकाएं आई उन्हें अक्षरशः पढ़ा और कभी फेंकी या बेची नहीं। सभी प्रतियों को संभाल कर रखते थे। आप अपने उद्बोद्धन में पांचजन्य में छपे विषय का संदर्भ लेते थे।
जनवरी 27, 2020 सोमवार को सभी समाज व बाड़मेर के जन मानस द्वारा माहेश्वरी पंचायत भवन में श्रद्धांजलि सभा व अनुभव कथन का आयोजन रात्रि 8 बजे किया गया। जिसमें सभी संतों व बाड़मेर के वरिष्ठ जन मानस द्वारा श्रद्धाजंलि दी गई। अनुभव कथन में राजस्थान क्षेत्र के सह क्षेत्रीय प्रचारक नीम्बाराम, प्रांत संघचालक ललित, बाड़मेर सह जिला संघचालक रिखबदास, बाड़मेर नगर संघचालक मनोहर बंसल, रामस्नेही संप्रदाय के संत डाॅ. रामस्वरूप शास्त्री, वरिष्ठ स्वयंसेवक छत्तुमल सिन्धी, शिक्षाविद् कमलसिंह महेचा इत्यादि ने अपने अनुभव बताए।