जामिया का सच: लाइब्रेरी में छिपने आए थे नाकाबपोश
   दिनांक 17-फ़रवरी-2020
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी में हुए लाठीचार्ज के बाद कथित सेकुलरों ने इसको भुनाने के लिए तमाम ह​​थकंडे अपनाए। पुलिस द्वारा दंगाइयों को रोकने के लिए की गई इस कार्रवाई को केंद्र सरकार के इशारे पर किए जाना बताया गया लेकिन अब हकीकत सामने आ गई है

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जो दूसरा वीडियो सामने आया है कि वह बेहद चौंकाने वाला है। नए वीडियो में बड़ी संख्या में छात्र लाइब्रेरी में घुसते हुए दिखाई दे रहे हैं। कुछ के चेहरे पर नकाब है तो किसी के हाथ में पत्थर भी दिख रहे हैं।
इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि छात्र लाइब्रेरी की टेबल को घसीटकर गेट के पास ले जाते हैं और उसे बंद कर देते हैं। इनमें से कुछ इशारों में एक-दूसरे से शांत रहने को कहते हैं। वीडियो देखने पर साफ पता लग रहा है कि वहां नाकाबपोश लाइब्रेरी में पढ़ने नहीं बल्कि छिपने के लिए आए थे।
अब इस वीडियो के सामने आने के बाद लोग यूनिवर्सिटी प्रशासन पर भी सवाल खड़े हुए हैं कि उसकी नाक के नीचे प्रदर्शनकारी लाइब्रेरी में कैसे घुस गए।
गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 15 दिसंबर को जामिया इलाके में विरोध प्रदर्शन हुई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आगजनी की। कई बसों में आग लगा दी थी