शिवमय काशी महाकाल एक्सप्रेस चली तो बेचैन हो उठे ओवैसी
   दिनांक 17-फ़रवरी-2020
काशी महाकाल एक्सप्रेस में महाकाल यानी देवाधिदेव महादेव भगवान शंकर के नाम से सीट रिजर्व किए जाने और उस पर मंदिर बनाए जाने से असदुद्दीन ओवैसी बेचैन हो उठे हैं

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काशी महाकाल एक्सप्रेस विशेष प्रकार की यात्री ट्रेन है. जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्य के धार्मिक, व्यवसायिक और साथ ही साथ पर्यटन स्थलों को जोड़ेगी. काशी से शुरू हुई यह ट्रेन ओंकारेश्वर होते हुए महाकालेश्वर तक जायेगी. सो, आप समझ ही सकते हैं कि पूरी ट्रेन ही शिवमय है. इस ट्रेन के कोच बी – 5 में एक बर्थ भगवाना महाकाल यानी देवाधिदेव महादेव भगवान शंकर के लिए तय कर दी गई है. इस पर एक छोटा सा मंदिर बनाया गया है. यह भी विचार किया जा रहा है कि मंदिर को स्थाई कर दिया जाय. मगर इससे ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के सांसद असदुद्दीन ओबैसी बेचैन हो उठे हैं. संविधान की प्रस्तावना की फोटो लगा कर वह ट्वीट कर रहे हैं।
बहरहाल, भारतीय रेलवे के पीएसयू - आईआरसीटीसी द्वारा आम जनता की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुये तीसरी कॉर्पोरेट ट्रेन का संचालन शुरू हो गया है. यह ट्रेन वाराणसी और इंदौर के मध्य चलेगी. 16 फरवरी 2020 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरी झंडी दिखाई उसके बाद यह ट्रेन वाराणसी से रवाना हुई. 20 फरवरी 2020 से इसका नियमित संचालन किया जायेगा. यह ट्रेन आईआरसीटीसी द्वारा संचालित लखनऊ-नई दिल्ली- तेजस और अहमदाबाद-मुंबई तेजस दो पूर्व कॉर्पोरेट ट्रेनों के अतिरिक्त है. यह सुपरफास्ट वातानुकूलित ट्रेन है जिसमें शायिकाओं की सुविधा उपलब्ध है. यह ट्रेन तीन ज्योतिर्लिंग - ओंकारेश्वर (इंदौर के पास), महाकालेश्वर (उज्जैन) और काशी विश्वनाथ (वाराणसी) के अतिरिक्त औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र इंदौर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल को जोड़ेगी.
आईआरसीटीसी अपनी इस पहली लंबी दूरी की ट्रेन में यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाले शाकाहारी भोजन, ऑन-बोर्ड बेडरोल, हाउसकीपिंग सेवाओं और ऑन-बोर्ड सुरक्षा सेवाओं को मुहैया कराएगा. ट्रेन में यात्रा करने वाले प्रत्येक यात्री को यात्रा के दौरान 10 लाख रुपए का बीमा भी दिया जाएगा. तेजस एक्सप्रेस की तर्ज पर यह ट्रेन भी विशेष रूप से आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctc.co.in और इसके मोबाइल ऐप Irctc Rail Connect ’पर उपलब्ध है. यात्री आईआरसीटीसी के अधिकृत एजेंट और ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट के माध्यम से भी अपने टिकट बुक करवा सकते हैं. ट्रेन में 120 दिनों की अग्रिम आरक्षण अवधि होगी और इसमें केवल सामान्य और विदेशी पर्यटक कोटा ही रहेगा.
इस ट्रेन के निरस्त होने की स्थिति में आईआरसीटीसी द्वारा अपने वेट लिस्टेड या कन्फर्म ई-टिकट यात्रियों को पूरा पैसा लौटाया जाएगा.यात्रियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुये आईआरसीटीसी काशी महाकाल एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है.