सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाया जा रहा शिक्षा सेवा अभियान
   दिनांक 26-फ़रवरी-2020
चौथा अप्रवासी भारतीय सम्मेलन समिति के मुख्यालय स्थित विद्याधाम में आयोजित किया गया।

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सम्मेलन में उपस्थित अप्रवासी भारतीयों के साथ श्री शिवकुमार (मध्य में) 
 
  
गत दिनों सर्वहितकारी शिक्षा समिति, जालंधर द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाए जा रहे शिक्षा सेवा अभियान में सक्रिय सहयोग देने तथा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित चौथा अप्रवासी भारतीय सम्मेलन समिति के मुख्यालय स्थित विद्याधाम में आयोजित किया गया। सम्मेलन में विशेष रूप से उपस्थित थे विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के महामंत्री श्री शिवकुमार। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता के बाद भी शिक्षा की ओर उतना ध्यान नहीं दिया गया, जितनी आवश्यकता थी। अपने देश के बालकों में देश के महापुरुषों और परम्पराओं के प्रति श्रद्धा व स्वाभिमान पैदा हो, इस उद्देश्य को लेकर 1952 में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में पहला सरस्वती विद्या मंदिर प्रारम्भ किया गया। यह कार्य धीरे-धीरे बढ़ता रहा और देश के सभी प्रान्तों में इसका विस्तार हुआ। 1977 में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान की स्थापना हुई। अब यह कार्य एक वट वृक्ष का रूप धारण कर चुका है। सम्पूर्ण देश में 13,000 औपचारिक और 15,000 अनौपचारिक शिक्षण संस्थानों का कुशलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। पंजाब में भी 127 औपचारिक और 377 अनौपचारिक (एकल शिक्षक विद्यालय) चल रहे हैं। सम्मेलन के संयोजक मनोज ने बताया कि पंजाब के अनिवासी भारतीयों को शिक्षा सेवा से जोड़ने के लिए समिति ने पिछले तीन वर्ष से यह प्रयास प्रारम्भ किया है। इस प्रयास के परिणामस्वरूप 10 से भी अधिक अनिवासी भारतीय पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा सेवा से जुड़ रहे हैं। पंजाब के सीमान्त गांवों में बड़ी संख्या में संस्कार केंद्र खोले जा रहे हैं।
 
सेवा भारती ने शुरू किया अस्मिता स्वयं रक्षा अभियान 
देश में दुष्कर्म जैसी घृणित घटनाओं पर पीड़िता को चुप रहने और दूसरों से दूरी बनाने की सलाह तो दी जाती है, लेकिन लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए तैयार नहीं किया जाता। ऐसे में सेवा भारती ने उन्हें आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए ‘अस्मिता स्वयं रक्षा मिशन’ शुरू किया है। इस संबंध में गत दिनों जयपुर के अम्बाबाड़ी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में प्रशिक्षकों द्वारा किशोरियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया।
 
इस अवसर पर कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सिमरन मेहता ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षणों से महिलाएं आत्मरक्षा में सक्षम होंगी, उनमें जागरूकता बढ़ने के साथ ही महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों एवं शोषण में कमी आएगी। इससे सशक्त भारत का निर्माण होगा। कार्यक्रम संयोजक कृष्णा बागड़ा और संचालक सीमा दया ने बताया कि आधुनिकता की परिकल्पना यही है कि आप शत-प्रतिशत सुरक्षित हों और अपने परिवार, समाज, देश व धर्म की रक्षा करें।