सिंध हमारा है, यह भावना हर भारतीय के मन में होनी चाहिए
   दिनांक 26-फ़रवरी-2020
सब एक साथ जुट जाएं तो गत वैभव फिर से प्राप्त कर सकते हैं। यह हमें इजरायल ने दिखाया है। सिंध में एक दिन अवश्य सिंधी हिन्दू होगा।

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 विमोचन कार्यक्रम को संबोधित करते श्री मोहनराव भागवत। मंच पर विराजमान श्री राम नाईक
 
‘‘विभाजन के बाद सिंध पाकिस्तान में चला गया, परंतु सिंध हमारा है, यह भावना केवल सिंधी समाज ही नहीं, वरन् प्रत्येक भारतीय, हिन्दू व्यक्ति के मन में रहनी चाहिए और आने वाली पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। सब एक साथ जुट जाएं तो गत वैभव फिर से प्राप्त कर सकते हैं। यह हमें इजरायल ने दिखाया है। सिंध में एक दिन अवश्य सिंधी हिन्दू होगा।
 
सिंध के एकत्रीकरण से पवित्र भारत को फिर से विश्वगुरु होने का अवसर मिलेगा।’’ उक्त विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने व्यक्त किए।
 
वे पिछले दिनों मुंबई में राजपाल पुरी फाउंडेशन एवं भारतीय सिंधु समाज के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में रोहित पुरी द्वारा लिखित ‘राष्ट्राय नम:’ पुस्तक के विमोचन अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक एवं भारतीय सिंधु सभा के अध्यक्ष श्री लक्ष्मण चंदिरामानी उपस्थित रहे।