भारत बढ़ेगा तो दुनिया बढ़ेगी
   दिनांक 04-फ़रवरी-2020
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  गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण करते श्री मोहनराव भागवत
 
गत 26 जनवरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत ने 71वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर गोरखपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सूर्यकुंड में झंडारोहण किया। इस अवसर पर श्री भागवत ने राष्ट्रीय ध्वज के तीनों रंगों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ये रंग ज्ञान, कर्म, भक्ति का कर्तव्य बताने वाले हैं। सबसे ऊपर भगवा रंग त्याग का, बीच का सफेद रंग पवित्रता और हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है। भगवा रंग बताता है कि हमारा जीवन स्वार्थ का नहीं परोपकार का है। हमें कमाना है, दीन दु:खियों, वंचितों को देने के लिए। इतना देना है कि सब कुछ देने के बाद भी देने की इच्छा रह जाए। पवित्रता और शुद्धता जीवन में ज्ञान, धन और बल के सदुपयोग के लिए जरूरी है। ज्ञान तो रावण के पास भी था, लेकिन मन मलिन था। शुद्धता रहेगी तो ज्ञान का प्रयोग विद्यादान, धन का सेवा और बल का दुर्बलों की रक्षा के लिए उपयोग होगा। हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है। हमारा देश त्याग में विश्वास करता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि यहां दारिद्रय रहेगा। समृद्धि चाहिए, लेकिन हमारी समृद्धि अहंकार के लिए नहीं दुनिया से दु:ख और दीनता खत्म करने के काम आएगी। इस समृद्धि के लिए परिश्रम करना होगा। जैसे किसान परिश्रम करता है, तभी अच्छी फसल पाता है, वैसे ही सब परिश्रम करेंगे तो देश आगे बढ़ेगा। भारत बढ़ेगा तो दुनिया बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को राजा बनाया है। राजा के पास अधिकार हैं, लेकिन अधिकारों के साथ सब अपने कर्तव्य और अनुशासन का भी पालन करें। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र और अनेक संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित थे।