आतंकी संगठन केएलएफ का हथियार सप्लायर गिरफ्तार
   दिनांक 04-फ़रवरी-2020

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प्रतिबंधित आतंकी संगठन खालिस्ताल लिबरेशन फ़ोर्स (केएलएफ) को हथियार मुहैया करने वाला आशीष सिंह उत्तराखंड के रूड़की गिरफ्तार कर लिया गया. उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस), मेरठ और सहारनपुर जनपद की पुलिस ने मिलकर आशीष सिंह को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद उसे पंजाब पुलिस को सौंप दिया गया. वह काफी दिनों से वांछित चल रहा था. केएलएफ का मुखिया हरमीत सिंह उर्फ़ हैप्पी पीएचडी, आरएसएस के कार्यकर्ता जगदीश कुमार गगनेजा की हत्या का मुख्य अभियुक्त था. आशीष सिंह केएलएफ के मुखिया हरमीत सिंह के करीबी गुगनी ग्रेवाल को हथियारों की खेप पहुंचाता था. कुछ ही दिन पहले केएलएफ का मुखिया हरमीत सिंह उर्फ़ पीएचडी एक गिरोह के द्वारा पाकिस्तान में मारा जा चुका है.
आशीष सिंह का नाम पुलिस की जानकारी में 23 नवंबर 2019 को आया जब पंजाब पुलिस ने पंजाब के मोंगा जनपद के रहने वाला गैंगेस्टर सुखप्रीत सिंह उर्फ़ बुद्धा को गिरफ्तार किया. सुखप्रीत ने पंजाब पुलिस को बताया था कि आशीष सिंह उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद का रहने वाला है और वह हथियार सप्लाई का काम करता है. यह सूचना जब उत्तर प्रदेश पुलिस को मिली तो आशीष सिंह के मेरठ के पते से उसे ट्रेस किया गया. वह पहचान छिपाकर एक वर्ष से अपने रिश्तेदार के यहां रूड़की में छिपा हुआ था. आशीष सिंह के खिलाफ पहले से कई मुदकमे दर्ज हैं.
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2016 के अगस्त माह में जालंधर में जगदीश कुमार गगनेजा की हत्या कर दी गई थी. उसके बाद इस हत्याकांड की विवेचना राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई थी. एनआईए ने ब्रिटिश नागरिक समेत 11 लोगों को अभियुक्त बनाया था. एनआईए ने आरोप पत्र में कहा था कि “इस हत्याकांड की साजिश पाकिस्तान समेत कई अन्य देशों में रची गई थी. इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए कई अन्य देशों से फंडिंग भी की गई थी” हरमीत सिंह उर्फ़ हैपी पीएचडी इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बनाया गया था.
हरमिंदर मिंटू की मौत के बाद हरमीत बना था केएलएफ का मुखिया
खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) का मुखिया हरमिंदर मिंटू थाईलैंड में गिरफ्तार किया गया था. थाईलैंड से वर्ष 2014 में पंजाब पुलिस गिरफ्तार कर भारत ले आई थी. उसके बाद से यह नाभा जेल में बंद था. अक्टूबर 2016 में नाभा जेल तोड़ कर हरमिंदर फरार हो गया था. इसके बाद वह फिर गिरफ्तार कर लिया गया था. वर्ष 2018 में केएलएफ प्रमुख हरमिंदर मिंटू की जेल में हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई. हरमिंदर के मर जाने के बाद हरमीत सिंह उर्फ़ पीएचडी को केएलएफ का मुखिया बनाया गया. यह अमृतसर का रहने वाला था और पीएचडी कर चुका था इसलिए इसे पीएचडी के नाम से भी बुलाया जाने लगा. यह पिछले दो दशक से पाकिस्तान में रह कर आतंकी साजिश रच रहा था.
जानकारी के अनुसार गत अक्टूबर माह में भारत सरकार की सूचना पर इंटरपोल ने कुछ आतंकियों की सूची जारी की थी जो केएलएफ से जुड़े हुए हैं. उस सूची में हरमीत सिंह का भी नाम था. इसी बीच यह भी बताया जा रहा है कि नशीले पदार्थ की तस्करी से होने वाली आय को लेकर केएलएफ के मुखिया हरमीत सिंह उर्फ़ पीएचडी का विवाद हो गया था. इसी विवाद में पाकिस्तान के स्थानीय गिरोह ने 27 जनवरी 2020 को उसकी हत्या कर दी.