आतंकी संगठन पीएफआई पर कस रहा शिकंजा, अभी तक 108 गिरफ्तार
   दिनांक 05-फ़रवरी-2020
पिछले दिनों सीएए के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन पीएफआई का नाम सामने आने के बाद यूपी पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में पीएफआई के 108 लोगों को गिरफ्तार किया गया है

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आतंकी संगठन पीएफआई करीब 14 वर्षों से पूरे देश में अपना नेटवर्क फैला रहा है. यह आतंकी संगठन पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी जड़ें जमा चुका है. खासतौर पर जनपद शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, वाराणसी, आजमगढ़, गाजियाबाद तथा सीतापुर में इस संगठन के सदस्यों और पदाधिकारियों का बहुत मजबूत नेटवर्क बन चुका है. पीएफआई, आतंकी संगठन सिमी का दूसरा रूप है. यह संगठन काफी समय से उपद्रव करने की साजिश रच रहा था. मौके की तलाश कर रहे पीएफआई ने सीएए और एनआरसी की आड़ लेकर पूरे देश में दंगा कराने का षड्यंत्र रचा. प्रवर्तन निदेशालय और उत्तर प्रदेश पुलिस कई संदिग्ध बैंक खाते खंगाल रही है जिसमें दंगे कराने के लिए रकम जमा कराई गई थी. गत वर्ष 19 और 20 दिसंबर की हिंसा के बाद पुलिस ने पीएफआई के लोगों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. अभी तक उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 108 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जो लोग, पीएफआई संगठन के सदस्यों और पदाधिकारियों के सम्पर्क में थे. उनके बारे में भी खोजबीन की जा रही है.
जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश में पीएफआई के 108 व्यक्तियों की गिरफ्तारी की गई है जिसमें लखनऊ में 14, सीतापुर में 3, मेरठ में 21, गाजियाबाद में 9, मुजफ्फरनगर में 6, शामली में 7, बिजनौर में 4, वाराणसी में 20, कानपुर में 5, गोंडा में 1, बहराइच में 16, हापुड़ में 1 एवं जौनपुर में 1 व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है.
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी ने बताया कि "वर्ष 2001 में भारत सरकार द्वारा स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया( सिमी) संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया. उसके पश्चात दक्षिण भारत के केरल में स्थित नेशनल डेवलपमेंट फ्रंट, तमिलनाडु में स्थित - मनीथा निधि पसराई और कर्नाटक में स्थित- फोरम फार डिग्निटी, इन तीन संगठनों का सम्मलेन हुआ. उसके बाद 22 नवम्बर 2006 को आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का गठन किया गया. पीएफआई के राष्ट्रीय पदाधिकारी के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एवं अन्य राज्यों में संगठन के आतंकी अपने संगठनात्मक कार्यों एवं राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश में लगे हुए हैं."