राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक पद्म विभूषण पी. परमेश्वरन का निधन
   दिनांक 09-फ़रवरी-2020

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राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारकों में से एक पी परमेश्वरन का 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने शनिवार रात 12 बजकर 10 मिनट पर अंतिम सांस ली । रा. स्व. संघ के ​अधिकृत ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया। इसमें कहा गया कि स्व. श्री परमेश्वरन जी का ध्येय समर्पित, ज्ञान साधनारत, संघ शरण तथा स्नेहमय, सादगीपूर्ण, जीवन ही उस पथ हमारे लिए प्रकाश व प्रेरणा बनेगा।
ऱा.स्व.संघ के सरसंघचालक श्री मोहनराव भागवत, सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया। नायडू ने ट्वीट किया, ‘परमेश्वरन जी के निधन से बेहद दुखी हूं। वह एक बेहतरीन लेखक, कवि, अनुसंधानकर्ता और भारतीय विचार केंद्रम् के संस्थापक एवं निदेशक थे। उपराष्ट्रपति ने परमेश्वरन को भारतीय विचार और दर्शन का एक अवतार भी बताया।
वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि परमेश्वरन भारत के एक महान और समर्पित पुत्र थे। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, 'उनका जीवन भारत की सांस्कृतिक जागरूकता, आध्यात्मिक उत्थान और गरीब लोगों की सेवा करने के लिए समर्पित रहा। परमेश्वरन जी की सोच महान और लेखनी कमाल थी। वह अपने विचारों पर हमेशा अडिग रहे।
 
पी परमेश्वरन ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं के साथ काम किया था। परमेश्वरन को वर्ष 2018 में देश के दूसरे सबसे बड़े पुरस्कार पद्म विभूषण और 2004 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। केरल के पलक्कड़ जिले के ओट्टापलम में उनका आयुर्वेदिक उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। पी परमेश्वरन का जन्म 1927 में अलप्पुझा जिले के मुहम्मा में हुआ था। छात्र रहते हुए ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ जुड़ गए थे। आपातकाल के दौरान परमेश्वरन ने सत्याग्रह में भाग लिया था और इसी कारण वह 16 महीने जेल में भी रहे थे। वह 1967 से 1971 तक भारतीय जन संघ के सचिव और 1971 से 1977 तक उपाध्यक्ष रहे, इसके अलावा 1977 से 1982 तक नई दिल्ली स्थित दीनदयाल अनुसंधान के निदेशक भी रहे। उन्होंने 1982 में 'भारतीय विचार केंद्रम्' की स्थापना की थी।