भाजपा में शामिल हुए सिंधिया, साधा कांग्रेस पर निशाना
   दिनांक 11-मार्च-2020

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मध्य प्रदेश की राजनीति में ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद सिंधिया के भाजपा का दामन थामने की अटकलों पर आज पूर्ण विराम लग गया। आज उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ले ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा की सदस्यता दिलाई। इसी के साथ उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार भी घोषित कर दिया गया। इस अवसर पर भाजपा के कई नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि आज हम सबके लिए बहुत खुशी का विषय है और आज मैं हमारी वरिष्ठतम नेता स्वर्गीय राजमाता सिंधिया जी को याद कर रहा हूं। भारतीय जनसंघ और भाजपा दोनों पार्टी की स्थापना और स्थापना से लेकर विचारधारा को बढ़ाने में एक बहुत बड़ा योगदान रहा है।
भाजपा में शामिल होने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मैं सर्वप्रथम आदरणीय नड्डा जी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और गृह मंत्री श्री अमित शाह जी को धन्यवाद देना चाहूंगा कि आपने मुझे अपने परिवार में आमंत्रित किया और एक स्थान दिया।
कांग्रेस पर साधा निशाना
सिंधिया ने कहा कि मेरे जीवन में दो तारीखें बहुत महत्वपूर्ण रहीं। वो पहला दिन 30 सितंबर 2001 था, जिस दिन मैंने अपने पूज्य पिता को खोया। वह मेरे लिए जीवन बदलने का दिन था। दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 थी, जो उनकी 75वीं वर्षगांठ थी। इस दिन मैंने एक नया फैसला लिया। सिंधिया ने कहा, 'मैंने हमेशा माना है कि हमारा लक्ष्य जनसेवा होना चाहिए। राजनीति केवल उस लक्ष्य को पूरा करने का माध्यम होना चाहिए और कुछ नहीं।' सिंधिया ने कहा कि आज वाली कांग्रेस पहले जैसी नहीं है। मध्य प्रदेश सरकार में आज ट्रांसफर उद्योग चल रहा है। तबादलों के लिए पैसा लिया जा रहा है।
2018 में जब मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो एक सपना हमने पिरोया था, लेकिन 18 महीने में वो सारे सपने बिखर गए, चाहे वो किसानों के ऋण माफ़ करने की बात हो या फिर ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसल आदि का भी मुआवजा मिलने की बात हो, कुछ भी नहीं हो पाया है। मंदसौर में जो गोली कांड हुआ था उसमें बहुत से किसानों पर मुकदमे दर्ज किए गए थे आज तक वह वापस नहीं लिए गए हैं। युवा किसान सभी परेशान हैं। देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार नहीं दो बार बड़े बहुमत से चुना है। योजनाओं के क्रियान्वयन की जो क्षमता उनमें है वैसी किसी में नहीं हैं। बता दें ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। सिंधिया के इस्तीफे के बाद सिंधिया समर्थक विधायकों ने भी अपने इस्तीफे दे दिए थे।