कांग्रेस के बागी विधायकों ने कमलनाथ को घेरा, कहा माफिया चला रहा प्रदेश
   दिनांक 17-मार्च-2020
बागी विधायकों ने कहा कि कमलनाथ लगातर उनकी उपेक्षा करते आ रहे हैं, य​दि जयपुर में ठहरे विधायकों को खुला छोड़ दिया जाए तो वे भी उनके पास आ जाएंगे

congressss_1  H
 बेंगलुरू के रमादा रिसॉर्ट में ठहरे मध्यप्रदेश् कांग्रेस के 22 बागी विधायक
 
बेंगलुरू के रमादा रिसॉर्ट में ठहरे मध्यप्रदेश् कांग्रेस के 22 बागी विधायकों ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कमलनाथ सरकार पर कई आरोप लगाए। कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि कैबिनेट ने सिर्फ छिंदवाड़ा को ही हजारों करोड़ रुपए आवंटित किए। हमने मुख्यमंत्री से कहा कि केवल इस पर चुनाव नहीं जीता जा सकता। जयपुर-भोपाल में ठहराए गए कांग्रेस के विधायकों को खुला छोड़ दिया तो वे भी हमारे पास बेंगलुरु आ जाएंगे।
विधायक बोले हमें किसी ने बंधक नहीं बनाया
विधायकों ने कहा कि हमें किसी ने यहां बंधक नहीं बनाया है। जिस दिन यहां पर आए हैं मीडिया में झूठी खबरें चलाई जा रही हैं कि हमें यहां पर बंधक बनाया गया है, हम मजबूर हो गए थे इसलिए हमने सरकार का साथ छोड़ा। विधायकों ने कहा कि जैसे स्पीकर ने 6 इस्तीफे स्वीकार किए हैं। हमारे भी करें।
कांग्रेस के एक विधायक इमरती ने कहा कि ‘‘मैं आज जो भी हूं, सिंधिया जी की वजह से हूं। सरकार ने वचनपत्र तैयार किया था, उस पर कोई अमल नहीं हुआ। मैंने मुख्यमंत्री से कहा था कि जब मेरे इलाके में काम ही नहीं हुआ, तो मुझे अब आगे चुनाव ही नहीं लड़ना है।’’ कांग्रेस के एक अन्य विधायक बिसाहूलाल सिंह ने कहा, ‘‘राहुल गांधी से बड़ा कोई नेता कांग्रेस में नहीं था। मैंने मुख्यमंत्री पद को लेकर उनसे बात की थी। सिंधिया को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कहा था। आज सबसे बड़ा माफिया प्रदेश को चला रहा है। कमलनाथ के व्यवहार से दुखी हूं। आदिवासियों के हित में कोई काम नहीं हुआ।’’
कमलनाथ ने भरोसा तोड़ा: राजवर्धन
राजवर्धन सिंह ने कहा, ‘‘मैं अपने क्षेत्र की जनता के दम पर विधायक हूं। कमलनाथ ने मुझसे कहा था कि सब पर भरोसा किया है तो मुझ पर भी करके देखो। 6 महीने में इलाके सूरत बदल जाएगी। लेकिन कुछ नहीं हुआ।’’
राहुल गांधी पहचानते ही नहीं
कांग्रेस एक विधायक हरदीप सिंह डंग ने कहा कि मंदसौर में हुए गोली कांड के बाद जब राहुल गांधी वहां आए तो उन्होंने मुझे पहचाना तक नहीं। सत्ता में आने के बाद कमलनाथ समेत अन्य कांग्रेस नेता घमंडी हो गए। कार्यकर्ताओं की बात तो छोड़ो अधिकारी मंत्रियों की बात तक नहीं सुन रहे। दिग्विजय सिंह और कमलनाथ कह रहे हैं कि विधायकों को पैसा मिला है। ​यदि ऐसा है तो उन्हें छापे मारने चाहिए पता करना चाहिए।