गो कोरोना... हम तैयार हैं
   दिनांक 19-मार्च-2020
पूरी दुनिया इस समय ताज्जुब में है. दुनिया में आबादी के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश भारत कोरोना से कैसे निपट रहा है. मोदी सरकार द्वारा किए गए प्रयासों के चलते कोरोना अब तक महामारी का रूप नहीं ले सका. कोरोना से निबटने के लिए भारत द्वारा किए प्रयासों के लिए दुनिया भर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा हो रही है। वहीं स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे अच्छा देश इटली इस समय लाशों के ढेर पर बैठा है.

modi _1  H x W:
2020 इतिहास में कोरोना वायरस के लिए याद रखा जाएगा. चीन से फैले इस वायरस से पूरी दुनिया में छह हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. पौने दो लाख इन पंक्तियों को लिखते समय इस वायरस के कारण बीमार थे और आपके पढ़ते समय ये संख्या बढ़ चुकी होगी. लेकिन 2020 एक और चीज के लिए याद किया जाएगा. जब पूरी दुनिया थर-थर कांप रही थी, भारत मोदी सरकार के नेतृत्व में पूरी बहादुरी के साथ इसके मुकाबले में उतरा. तमाम खतरों के बीच दुनिया के हर कोने से अपने और पड़ोसी देशों के नागरिकों को निकाल लाने का काम मोदी सरकार ने किया. पूरी दुनिया पहला कार्डिनेटिड (समन्वित) प्रयास पड़ोसी देशों को एक जुट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. केंद्र सरकार का हर प्रदेश सरकार के साथ समन्वय भी गजब है.
अब हम कोरोना वायरस के फैलने के सबसे महत्वपूर्ण तीसरे चरण में है. भारत इस वायरस के साथ आर-पार की लड़ाई में उतरा हुआ है. उम्मीद नहीं, यकीन है. हम जीतेंगे. दुनिया एक गांव बन चुकी है. अब आप आर्थिक, सामरिक या किसी स्वास्थ्य आपदा से बच नहीं सकते, मुंह नहीं छिपा सकते. कोरोना भले ही चीन से पैदा हुआ,
लेकिन दुनिया के हर महाद्वीप में, और हर छोटे बड़े देश में पहुंच चुका
है. दुनिया लॉक डाउन में है. दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर कबूतर उड़ रहे हैं. आर्थिक बाजारों की हालत मानो प्रलय वाली है. हर छोटा बड़ा घर में कैद है.
देश में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़कर 173 हो गई है. आज 22 नए मामले सामने आए हैं. छत्तीसगढ़ में पहले मरीज की पुष्टि हुई है. वहीं, लखनऊ में दो और मरीज पाए गए हैं. राजस्थान में एक ही परिवार के तीन लोग कोरोना संक्रमित हैं. वहीं पीएम मोदी कोविड-19 से संबंधित मुद्दों और इससे निपटने के प्रयासों के बारे में आज रात 8 बजे देश को संबोधित करेंगे.
इससे पहले पीएम मोदी ने तेजी से बढ़ते कोरोना वायरस से उपजे हालात की
समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की. पीएम मोदी ने बैठक में कोरोना वायरस से निपटने के लिए तैयारियों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की.
इसमें जांच की सुविधा का विस्तार भी शामिल है. पूरी दुनिया इस समय ताज्जुब में है. दुनिया में आबादी के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा देश भारत कोरोना से कैसे निपट रहा है. कैसे ये अब तक महामारी का रूप नहीं ले सका. स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे अच्छा देश इटली इस समय लाशों के ढेर पर बैठा है.
हालात ये है कि अंतिम संस्कार के लिए कर्मचारी तक नहीं है. ऐसे में न्यूयार्क टाइम्स को भी ताज्जुब है कि भारत कैसे बचा हुआ है. भारत का इतिहास यदि देखेंगे, तो हम महामारियों से दूर ही रहे हैं. जिस समय यूरोप में ब्लैक डैथ यानी प्लेग ने आधी से ज्यादा आबादी का खात्मा कर दिया था, तब भी भारत इससे कमोबेश अछूता रहा. अंग्रेजों के भारत आगमन के साथ यूरोप की बीमारियां भारत आईं
और स्पेनिश फ्लू के रूप में पहला संक्रमण भारत के इतिहास में दर्ज किया
गया.
हम कोरोना से भी जीत जाएंगे, इसके दस कारण-
1. भारत दुनिया के उन चंद देशों में से है, जिसने अपनी सीमाएं सील कीं.
वीजा निरस्त किए और चंद लोगों के अलावा विदेशियों के भारत आने पर पाबंदी
लगा दी.
2.भारत के 21 हवाई अड्डों पर थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की गई. विदेश से आने वाले हर व्यक्ति को क्वार्ट्राइन (अलग-थलग) रखा गया. अब तक 14 हजार लोग इस तरीके से क्वाट्राइन किए जा चुके हैं.
3. भारत ने कम्युनिटी इनफेक्शन (यानी समाज में एक व्यक्ति से दूसरे तक फैलने का क्रम) पर ज्यादा काम किया. इटली से लौटा एक परिवार केरल में लापता हुआ, तो पुलिस ने फोन सर्विलांस और सीसीटीवी की मदद से न सिर्फ उस परिवार को पकड़ लिया, बल्कि उसके संपर्क में आए एक हजार से ज्यादा लोगों को पहचान लिया. इसी प्रकार एक विदेशी नागरिक को एअरपोर्ट छोड़ने वाले टैक्सी ड्राइवर को गौतमबुद्ध नगर में पुलिस पहले से खड़ी मिली. हालांकि इनमें से अधिकतर लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव निकली. पैनिक में भागी महिला हवाई और रेल सफर करके आगरा अपने घर तो पहुंच गई, लेकिन सरकार ने प्लेन और ट्रेन में उसके साथ सफर करने वाले हर शख्स के नमूने ले लिए. क्वाट्राइन कर लिया.
4.हाईजीन भारतीय जीवनशैली का महत्वपूर्ण पहलू है. हमारे अभिवादन में
नमस्कार है, संपर्क नहीं. इसके अलावा हाथ धोना, साफ-सफाई हमारी जीवन शैली का अभिन्न अंग है. सरकार इसको प्रोत्साहित कर रही है
5.हर नागरिक तक पहुंचने के लिए सरकार ने अनूठे तरीके निकाले हैं. मसलन डायलर टोन में आपको सरकार का मैसेज सुनाई देता है, जिसमें कोरोना से बचाव के तरीके बताए जाते हैं. यह जागरुकता अभियान कोरोना को लेकर दुनिया कासबसे बड़ा अभियान माना जा रहा है.
6. पूरे देश में पचास लैब कोरोना टेस्टिंग के लिए आपरेशनल की जा चुकी
हैं. टेस्टिंग कैपिसिटी भी कोरोना से पहले बीस हजार थी, जो अब दस लाख के पार पहुंच चुकी है.
7. एक हाई पावर ग्रुप आफ मिनिस्टर्स (जीओएम) बनाया गया है. जो दिन में दो बार कोरोना के नये मामलों और बचाव के उपायों की समीक्षा कर रहा है. हर राज्य में कोरोना टास्क फोर्स का गठन हो चुका है. देश के अधिकतर राज्यों में स्कूल कालेज बंद हैं. परीक्षाएं स्थगित हो गई हैं. लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी है.
8. भारत जैनरिक दवाओं का सबसे बड़ा उत्पादक है. भारत में आन काउंटर एंटी बायटिक बिक्री पर कोई प्रतिबंध भी सख्ती से लागू नहीं है. ऐसे में कोरोना वायरस के फर्स्ट स्टेज केसिज से ग्राउंड लेवल पर ही निपटना आसान है.
9. जहां एक और भारत की आबादी का बड़ा हिस्सा युवा है, वहीं भारत की
भौगोलिक परिस्थितियां भी कोरोना के लिए घातक हैं. युवाओं के लिए कोरोना घातक नहीं है. ठीक वैसे ही भारत के अधिकतर हिस्से में अब गर्मियां शुरू हो चुकी हैं. ऐसे में कोरोना का वायरस कम मारक हो जाता है.
कोरोना वायरस का अभी तीसरा चरण है. आज ही आईसीएमआर से बहुत राहत भरी खबर आई है. 826 लोगों की रैंडम सैंपलिंग (औचक रूप से लिए नमूनों की जांच) की रिपोर्ट आई है. सभी नमूने निगेटिव पाए गए हैं. मतलब कम्युनिटी सप्रेडिंग का खतरा अभी नहीं है. तीसरे चरण मे इस तरह की रिपोर्ट बहुत मायने रखती है कि बीमारी कम से कम भारत में एक व्यक्ति से दूसरे के बीच नहीं फैल रही है. फिर भी अभी लंबा सफर बाकी है. पूरा देश मिलकर कोरोना से लड़ रहा है.
साथ ही दृढ़ संकल्प और चौकन्नी सरकार है जो इसे हराने के लिए दिन-रात एक किए हुए है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के भारत में प्रतिनिधि डा. हैंक बेकेडम के मुताबिक कोरोना वायरस के भारत में जितने मामले सामने आए हैं, वे ट्रेसेबल हैं. यानी सभी में इनके स्रोत का पता है. एक-दूसरे से फैलने की स्थिति भारत में नहीं है. और ऐसा भी नहीं है कि कोरोना के मरीज घूम रहे हों और उनकी संख्या छिपाई जा रही हो.