मुसलमानों की ऊंची इमारतों से हुई हिंदुओं के घर आगजनी
   दिनांक 02-मार्च-2020
चांदबाग में स्थिति आप पार्षद ताहिर हुसैन का घर हो या फिर शिवविहार तिराहे के पास स्थित फारुख फैजल का राजधानी स्कूल। दोनों में एक बात समान थी। दंगाइयों ने दोनों इमारतों का इस्तेमाल आगजनी के लिए किया, क्योंकि दोनों ही इलाके की सबसे ऊंची इमारते हैं

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 राजधानी स्कूल से रस्सी उतरकर दूसरे स्कूल में पहुंचे उन्मादी। इनसेट में नजर आ रहे पेट्रोल बम राजधानी स्कूल की छत पर रखे हुए थे.
 
चांदबाग स्थित आप पार्षद ताहिर हुसैन के घर हुटी उन्मादियों की भीड़ ने जिस तरह से बड़ी गुलेल के जरिए हिंदू आबादी पर पेट्रोल बम दागे, उसी तरह शिवविहार तिराहे के पास स्थित राजधानी स्कूल का इस्तेमाल दंगाइयों ने आगजनी के लिए किया। जब दंगा कुछ काबू में आया तो हम 28 फरवरी को स्कूल की छत पर पहुंचे तो वहां पेट्रोल बम रखे हुए थे, हालांकि जिस गुलेल से दूर तक पेट्रोल बम फेंके जा रहे थे वह उखाड़ ली गई थी। जिस तरह दोनों की घटनाओं में मुसलमानों की ऊंची इमारतों का इस्तेमाल आगजनी के लिए किया गया उसे देखते हुए इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि इन इमारतों के मुसलमान मालिकों ने उन्मादी भीड़ की आगजनी करने में पूरी मदद की। फिर चाहे वह आप पार्षद ताहिर हुसैन हो या फिर राजधानी स्कूल के मालिक फारुख फैजल।
राजधानी स्कूल की छत से दूर तक बमबाजी की गई, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कूल के मालिक फारुख फैजल नाम के व्यक्ति हैं। इस स्कूल की इमारत पांच मंजिला है जो इलाके में सबसे ऊंची है। सैकड़ों की संख्या में हथियारों और पेट्रोल बम से लैस दंगाई स्कूल में जमा हो गए। दंगाई छत पर पहुंचे तो पेट्रोल बमों से आसपास की हिंदू बस्ती पर हमला कर दिया। पुलिस थी नहीं, जब पुलिस आए दंगाइयों ने उन्हें भी पेट्रोल बम और पथराव कर खदेड़ लिया। स्कूल के पीछे हिंदू आबादी है। उन्मादियों की भीड़ ने घंटों तक हिंसा का नंगा नाच किया। स्कूल के सामने वाली इमारत को पूरी तरह फूंक दिया गया। सड़क पर एक भी हिंदू की दुकान ऐसा नहीं थी जिसे जलाया न गया हो। हिंदुओं की कितनी संपत्ति का नुक्सान हुआ इसका अभी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। जहां देखो वहां दूर तक आगजनी के निशान नजर आते हैं। राजधानी स्कूल के पीछे रहने वाले हेमंत ने बताया कि जब स्कूल की छत से पेट्रोल बम दागे जा रहे थे हिंदू घरों में दुबके हुए थे यदि उन्हें जवाब देने की कोशिश की जाती तो वह पहुंच से बहुत दूर थे। उन्मादी पेट्रोल बमों के अलावा लगातार फायरिंग भी कर रहे थे। बराबर वाली गली में कई मकानों और दुकानों को दंगाइयों से आग के हवाले कर दिया।