भारत जीतेगा चीनी वायरस हारेगा
   दिनांक 28-मार्च-2020
चीनी वायरस (कोरोना) के खिलाफ एकजुट हुआ पूरा देश, सरकार की मदद को आमजन से लेकर धनकुबेर तक आगे आ रहे हैं।सुनामी हो, तूफान हो, सूखा हो, भूकंप हो या कोई और आपदा, हमारा देश एकजुट रहता है और यही हमारी ताकत है

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सीआरपीएफ के सभी जवानों और अधिकारियों ने पीएम राहत कोष में अपने एक दिन के वेतन का 33.81 करोड़ रुपए दिए हैं।
चीनी वायरस (कोरोना) जैसी घातक बीमारी के खिलाफ भारत ने युद्ध छेड़ रखा है। कोरोना को परास्त करने में जुटी सरकार को समाज का पूरा साथ मिल रहा है। भारत के लोगों  ने बता दिया है कि सरकार अकेली नहीं है हम सरकार के साथ खड़े हैं।
संकट की घड़ी में हर देशवासी अपने सामर्थ के अनुसार सरकार की मदद में जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री राहत कोष और मुख्यमंत्री राहत कोषों में जमकर दान दिया जा रहा है। दान के अलावा सैकड़ों संगठन जनसेवा में जुटे हुए हैं।
दुनिया की बड़ी कंपनियों में से एक रिलांयस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने कोरोना वायरस संक्रमितों के लिए मुंबई में 100 बेड का अस्पताल बनाया है। अंबानी ने लोधीवाली में आइसोलेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। वो कई शहरों में संक्रमितों को मुफ्त भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। संक्रमितों और क्वारंटाइन किए गए लोगों को लाने-ले जाने वाले वाहनों को मुफ्त तेल दे रहे हैं। रिलायंस फाउंडेशन हॉस्पिटल क्वारंटाइन सेंटर बना रहा है तो रिलायंस लाइफ साइंसेज कोरोना वायरस के टेस्ट के लिए किट्स का आयात कर रही है।

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रिलायंस फाउंडेशन ने संक्रमित लोगों के लिए 100 बेड का क्वारंटाइन सेंटर बनाया है।
 अंबानी की टेलीकॉम कंपनी जियो ने ब्रॉडबेंड का डाटा दोगुना कर दिया है। जियो ने सरकार के लिए वॉट्सएप पर मायगोव कोरोना हेल्पडेस्क (MyGov Corona Helpdesk) बनाकर दी है। अंबानी चिकित्साकर्मियों के लिए प्रतिदिन एक लाख मास्क, सूट समेत अन्य वस्त्र बना रहे हैं। रिलायंस रिटेल के देशभर में फैले 736 स्टोर सुबह 7 से रात्रि 11 बजे तक सेवाएं दे रहे हैं। होम डिलीवरी के अलावा वो वरिष्ठ नागरिकों तक सामान पहुंचा रहे हैं।
इस संकट की घड़ी में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी बड़े मददगार बने हैं। महिंद्र ग्रुप अपने महिंद्रा होलीडेज के रिसोर्ट्स को संक्रमितों के लिए केयर सेंटर में तब्दील कर रहा है। मुश्किल समय में आनंद महिंद्रा छोटे व्यापारियों और खुद का कारोबार करने वालों की मदद करेंगे। इसके लिए उन्होंने फंड बनाया है। फंड में आनंद महिंद्रा आगामी कई महीने का अपना पूरा वेतन जमा कराने वाले हैं। अपने एक ट्वीट में महिंद्रा ने कहा कि उनकी टीम सरकार या सेना के साथ मिलकर अस्थाई केयर सेंटर्स पर काम करने को तैयार है। चीनी वायरस (कोरोना) से जंग में सबसे बड़ी जरूरत आईसीयू वेंटिलेटर्स की होती है। महिंद्रा ने घोषणा की है कि वो 5 से 10 लाख रुपए तक आने वाले इन वेंटिलेटर्स को मात्र 7500 रुपए में उपलब्ध कराएंगे।
 
वेदांता के मालिक अनिल अग्रवाल, बजाज ग्रुप के चेयरमैन राहुल बजाज, हीरो मोटर्स के चेयरमैन पंकज मुंजाल 100-100 करोड़ रुपए की मदद देंगे। पेटीएम के मालिक विजय शेखर शर्मा ने अपना दो महीनों का वेतन देने के अलावा कोरोना की दवा विकसित करने के लिए भारतीय वैज्ञानिकों को 5 करोड़ रुपए दिए हैं। टाटा ग्रुप का ताज होटल कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे चिकित्साकर्मियों के लिए मुफ्त भोजन पहुंचा रहा है। इसके अलावा कई उद्योगपति और हैं, जो सरकार की मदद कर रहे हैं।
लॉकडाउन के कारण शिक्षण संस्थान बंद हैं। ऐसे में बायजू एप के मालिक बायजू रविंद्रन कक्षा 4 से 12 तक के बच्चों को गणित और साइंस के मुफ्त पाठ उपलब्ध करा रहे हैं। निट्रोजन नाम की सॉफ्टवेयर कंपनी अस्पतालों, किराना स्टोर्स, फार्मा कंपनियों को तीन महीने के लिए अपना प्लेफार्म मुफ्त में उपलब्ध कराने की घोषणा की है।
कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर देश भर के मंदिर भले बंद हैं, लेकिन उन्होंने सरकार के लिए अपना खजाना खोला है। शिरडी के साईं बाबा मंदिर ने महाराष्ट्र मुख्यमंत्री राहत कोष में 51 करोड़ रुपए दान दिए हैं। गुजरात के जालाराम मंदिर ने 5.10 करोड़ रुपए और पटना के हनुमान मंदिर ट्रस्ट ने 1 करोड़ रुपए सरकार को दिए हैं। कई और मंदिरों ने सरकार को धनराशि दान स्वरूप दी है। देशभर में मंदिर और गुरुद्वारे गरीबों के लिए भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं।
फिल्म स्टार और खिलाड़ी भी कोरोना की लड़ाई में आगे आए हैं। दक्षिण भारत के फिल्म स्टार प्रभास ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 3 करोड़ रुपए और तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों के राहत फंड में 50-50 लाख रुपए जमा कराए हैं। दक्षिण के स्टार पवन कल्याण ने दो करोड़ रुपए, महेश बाबू और चिरंजीवी ने एक-एक करोड़, राम चरन ने 70 लाख, सुपरस्टार रजनीकांत ने 50 लाख रुपए का दान दिया है। छोटे पर्दे के स्टार कपिल शर्मा ने भी 50 लाख रुपए दान किए हैं। क्रिकेट स्टार सचिन तेंदुलकर ने भी 50 लाख रुपए का दान दिया है। पूर्व क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली भी गरीबों को 50 लाख रुपए मूल्य के चावल दान कर चुके हैं। मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने 50 लाख, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने 25 लाख, ओलंपिक पदक विजेता बैडमिंटन स्टार पीवी सिंद्धू ने पांच लाख, कुश्ती स्टार बजरंग पुनिया ने अपना छह माह का वेतन दान दिया है। ऐसे और भी नाम हैं।
 
 सीआरपीएफ के जवानों ने अपना एक-एक दिन का वेतन दान स्वरूप दिया है। पैरा मिलिट्री फोर्स की तरफ से 33.81 करोड़ रुपए का चेक प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराया गया है। अखिल भारतीय अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति रेलवे कर्मचारी एसोसिएशन से जुड़े 3.5 लाख कर्मचारियों ने अपना एक-एक दिन का वेतन (70 करोड़ रुपए) दान किया है। आंध्र प्रदेश के राज्य कर्मचारियों ने 100 करोड़ रुपए दिए हैं। करीब-करीब सभी राज्यों में कर्मचारियों ने राहत कोष के लिए वेतन कटवाया है। प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारियों ने वेतन दिया है। संकट के समय में पुलिस जनता के साथ खड़ी है। पुलिस के जवान भूखों को खाना खिला रहे हैं। घर-घर सामान पहुंचा रहे हैं। देशभर के सांसदों और विधायकों ने अपना वेतन दिया है। सांसद अपनी निधि से अस्पतालों को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए राशि दे रहे हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता भी दिन-रात वंचितों की सेवा में जुटे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि देशभर में एक करोड़ भाजपा कार्यकर्ता स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर गरीबों को भोजन कराएंगे। अन्य राजनीतिक संगठन भी मदद कर रहे हैं। कई संगठन कहीं राशन बांट रहे हैं तो कहीं भोजन की व्यवस्था करा रहे हैं। कई संगठन मास्क, सेनेटाइजर और दवाइयां बांट रहे हैं।
सभी का एक ही प्रयास है, संकट की घड़ी में देश का गरीब आदमी भूखा न सोए। आम आदमी 51 रुपए से लेकर लाखों रुपए राहत कोष में दान दे रहा है। वाई. संस्कृति नाम की कक्षा 12 की छात्रा ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 2.5 लाख रुपए का दान दिया है। उसने चेक का फोटो ट्वीट करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री सर आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मैं अपनी बचत के रुपए राहत कोष में दान स्वरूप दे रही हूं।
 
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संकट के समय एकजुट होना देश की ताकत है। सुनामी हो, तूफान हो, सूखा हो, भूकंप हो या कोई और आपदा, देश एकजुट रहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि महाभारत का युद्ध 18 दिन में जीता गया था। आज कोरोना के खिलाफ युद्ध पूरा देश लड़ रहा है। हमारा प्रयास है इसे 21 दिन में जीत लिया जाए। महाभारत में श्रीकृष्ण महारथी थे, आज 130 करोड़ महारथियों के बलबूते पर हमें इस लड़ाई को जीतना है। जिस संकल्प के साथ सरकार और समाज कोरोना से लड़ रहे हैं, पूरी उम्मीद है कि जीत भारतवासियों की ही होगी।