कोरोना संकट में कर्म-योगी बने आदित्यनाथ
   दिनांक 31-मार्च-2020
कोरोना वायरस , वैश्विक महामारी है. सम्पूर्ण भारत में लॉकडाउन किया गया है.मगर लॉकडाउन की शुरुआत में ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमजोर वर्गों की सुध ली. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आम जन मानस के भोजन, राशन,दवा, दूध, इलाज और उनके परिवहन की व्यवस्था कराने के लिए दिन – रात एक कर दिया है.

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 दूसरे प्रदेशों से आए हुए लोगों को उनके घर भिजवाया गया. कोई भूखा ना सोये इसके लिए अकेले लखनऊ में 12 सामुदायिक रसोई घरों में भोजन बना कर पैकेट वितरित किए जा रहे हैं. दिहाड़ी मजदूरों के खाते में एक हजार रूपये की आर्थिक सहायता करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य है. उसके बाद सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 लाख 50 हजार मनरेगा मजदूरों के खाते में सीधे 611 करोड़ रूपये भेजे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा के मजदूरों से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से बातचीत किया और उनका हाल चाल पूछा.
17 मार्च को ही कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन मजदूरों को आर्थिक सहायता पहुंचाने का निर्णय ले लिया था. इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी. इस कमेटी में कृषि मंत्री, सूर्य प्रताप शाही और श्रम मंत्री, स्वामी प्रसाद मौर्य को भी शामिल किया गया था. इस कमेटी ने 3 दिन में अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपा. उसके बाद प्रदेश के श्रम विभाग में पंजीकृत 20,37,000 श्रमिकों को भरण पोषण के लिए एक हजार रुपए सीधे खाते में भेजा गया. इस प्रकार, सरकार ने करीब 203 करोड़ रुपए के व्यय का वहन किया.
इसके साथ ही अंत्योदय योजना में ग्रामीण क्षेत्र के 37,51,000 लाभार्थी, शहरी क्षेत्र के 3,43,000 लाभार्थी और असंगठित मजदूर (दिहाड़ी मजदूर) 15,60,000 लाभार्थी शामिल हैं. इन्हें भरण पोषण के रूप में एक हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से इनके अकाउंट में भेजा जा रहा है. नगर विकास विभाग के जरिये प्रदेश के अंदर ठेला, खोमचा, रेहड़ी, रिक्शा चलाने एवं साप्ताहिक बाजार आदि का कार्य करने वाले करीब 15 लाख लोगों को एक हजार रुपए भरण-पोषण के लिए खाते में भिजवाये जा रहे हैं. नगर विकास के माध्यम से दी जाने वाली आर्थिक सहायता के लिए सरकार को करीब 150 करोड़ रुपए का व्यय भार उठाना पडेगा.
गत दिनों, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मनरेगा के मजदूरों को अति शीघ्र मजदूरी का भुगतान करने का आदेश दिया था. केंद्र सरकार से करीब 556 करोड़ रुपए की धनराशि के भुगतान की कार्यवाही मार्च 2020 में ही कराई जा रही है. इसके अंतर्गत 88,40,000 मनरेगा श्रमिकों को तत्काल भुगतान किया जा रहा है. प्रदेश में लागू विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 83,83,000 लाभार्थियों को दी जाने वाली त्रैमासिक पेंशन की धनराशि को अब दो माह की अग्रिम पेंशन दी जा रही है. इसमें वृद्धावस्था पेंशन के 46,97,000 लाभार्थी, दिव्यांगजन पेंशन के 10,76,000 लाभार्थी, निराश्रित और विधवा महिला पेंशन के 26,10,000 लाभार्थी शामिल हैं
गरीबों को मुफ्त राशन
सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों के माध्यम से प्रदेश के 1,65,31,000 श्रमिकों को दो महीने तक निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है. इसमें प्रति परिवार को 20 किलो गेहूं, 15 किलो चावल मुफ्त दिया जा रहा है. इस पर सरकार का करीब 64.50 करोड़ का व्यय भार आएगा. इसके साथ ही अन्य तरह के असहाय लोगों के लिए भी पूरी तरह से व्यवस्था की गई है. कोई असहाय व्यक्ति जो अपने परिवार के भरण-पोषण का इंतजाम नहीं कर पा रहा है. इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में खंड विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी की समिति तथा नगरीय क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट की समिति की संस्तुति पर 1000 रुपए प्रतिमाह की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
हर घर भोजन
प्रदेश के सभी जनपदों में जिला प्रशासन व अन्य विभाग मिलकर आवश्यक वस्तुओं को (डोर स्टेप डिलीवरी) घर-घर डिलीवरी शुरू कर रहे हैं. सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है, इसके लिए कम्युनिटी किचन चालू किया गया है. होटल, फास्ट फूड मेकर्स, मिड-डे मील संस्थाओं, धर्मार्थ संस्थाओं, मठ, मंदिर, गुरुद्वारे आदि जहां भी बड़ी मात्रा में सुरक्षित फूड तैयार हो सकता है, वहां फूड पैकेट्स तैयार किए जा रहे हैं. 'डोरस्टेप डिलीवरी' के लिए 12,123 वाहनों की व्यवस्था की गई है.
6 हजार से ज्यादा आइसोलेशन बेड चिन्हित
अब तक प्रदेश में 6 हजार से ज्यादा आइसोलेशन बेड चिन्हित किये गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 18001805145 जारी किया है. प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा इमरजेंसी सेवाएं चालू की गई हैं. कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के उपचार को लेकर सरकार की तरफ से तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है. जिलों में सीएचसी को कोविड अस्पताल में तब्दील किया गया है. जिले स्तर पर जो अस्पताल हैं उन्हें लेवल 2 का अस्पताल बनाया गया है. तीसरे लेवल के लिए चिकित्सा शिक्षा द्वारा बनाए गए विशिष्ट अस्पतालों को शामिल किया गया है.
सीएम हेल्पलाइन 1076 पर स्वास्थ्य से जुड़ी शिकायत करें
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से 10 हजार प्रधानों को फोन किया गया है और पिछले दो हफ्तों में बाहर से आये लोगों की जानकारी ली गई है. ताकि जो भी संदिग्ध व्यक्ति है उसकी चेकिंग और मॉनिटरिंग कराई जा सके. इस हेल्पलाइन पर जाकर लोग इस संबंध में शिकायत भी कर सकते हैं।