कोरोना संकट: देश हो या विदेश सभी जगह सेवा कार्यों में लगे हुए स्वयंसेवक
   दिनांक 31-मार्च-2020
ललित मोहन बंसल
सेवा इंटरनेशनल के कार्यकर्ता अमेरिका में अप्रवासी भारतीयों की मदद के लिए रात-दिन सेवा कार्यों में जुटे हुए हैं। इसके लिए उनके द्वारा अमेरिका के चारों क्षेत्रों में हेल्प लाइन सेवाएं शुरू की गईं ताकि जरूरतमंदों तक हर संभव मदद पहुंच सके

sewa_1  H x W:
अमेरिका में सेवा इंटरनेशनल के सैकड़ों कार्यकर्ता कोविड-19 से निपटने के लिए मैदान में उतरे हुए हैं। इसके लिए अलग-अलग स्तर पर अमेरिका के चारों क्षेत्रों में संघ कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई हैं, जो प्रवासी भारतीयों को सातों दिन और चैबीसों घंटे हेल्प लाइन के जरिए मदद कर रही हैं और देश के बीस बड़े शहरों में अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को इस अभियान में लगा दिया है।
ज्ञात हो कि अमेरिका में दिन-प्रतिदिन हालात खराब होते जा रहे हैं। पच्चास राज्यों में एक लाख बीस हजार से अधिक संक्रमित मामले जहां हो गए हैं, वहीं दो हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं।
रात-दिन लगे हैं स्वयंसेवक
कोविड-19 से निपटने के लिए चार सौ कार्यकर्ता रात दिन प्रवासी भारतीयों को चिकित्सा सेवाएं जुटाने, कोविड-19 के पाजिटिव मरीजों अथवा क्वारनटीन में फंसे प्रवासी भारतीयों को उनकी दैनिक जरूरतों की वस्तुओं की आपूर्ति करने, अमेरिका में स्कूल-कालेज बंद होने के कारण यहां पढ़ने आए छात्रों की देखभाल करने और उनके वीजा संबंधी कार्यों में मदद करने के लिए हर संभव मदद में जुटे हुए हैं। सेवा इंटरनेशनल टीम में विशेष आपदा टीम के उपाध्यक्ष श्री स्वदेश कटोच बताते हैं कि हेल्प लाइन के माध्यम से अमेरिका के शीर्ष बीस डाक्टरों की टीम बनाई गई है, जो इन हेल्प लाइन के माध्यम से कोविड-19 के मरीजों को समय-समय पर सलाह दे रही हंै। इस कार्य में प्रतिदिन हजारों भारतीय परिवार जुड़ते जा रहे हैं, जो विभिन्न तरह की सेवाएं देने में जुटे हुए हैं। ये सेवाएं वृद्ध जनों को दवाएं पहुंचाने, भोजन सामग्री, कोविड -19 मरीजों की डाक्टरों के साथ मुलाकात कराने, बीमार मरीजों की थेरेपिस्ट के साथ मुलाकात कराने, बच्चों को मनोवैज्ञानिक रूप से मदद करने में सैकड़ों कार्यकर्ता जुट गए हैं। वे आगे बताते हैं कि सेवा इंटरनेशनल की एक टीम रात-दिन अमेरिका में वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास और सभी छह कंसलेट-न्यू यॉर्क, शिकागो, ह्युस्टन, सान फ्रांसिस्को और जार्जिया की राजधानी में वीजा अधिकारियों और राजनयिकों के साथ काम करने में जुट गई है। इसके लिए सेवा इंटरनेशनल की वेबसाइट पर प्रतिदिन ढेरों सवाल-जवाब दिए जा रहे हैं। अमेरिका की तीन सौ यूनिवर्सिटी में ढाई लाख स्टूडेंट्स हैं जो इस समय अस्थाई तौर पर बंद हैं। इन सभी छात्रों की हेल्थ, वित्तीय और मनोवैज्ञानिक समस्याओं के प्रति सेवा इंटरनेशनल की एक अन्य टीम लगातार जुटी हुई है।
अप्रवासियों को नहीं होने दे रहे कोई दिक्कत
सेवा इंटरनेशनल के अध्यक्ष एवं ओहायो यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर श्री श्रीनाथ बताते हैं कि भारत में रह रहे इन छात्रों के अभिभावकों के साथ उनकी टीम के लोग लगातार सम्पर्क बनाए हुए हैं। इस दौरान मेरा इन छात्रों के अभिभावकों से निवेदन है कि वे भी हेल्प लाइन से जुड़े रहें और समय-समय पर उनसे सम्पर्क कर सकते हैं।