कर्णावती में दिखी भारतीय परम्परा की झलक
   दिनांक 09-मार्च-2020

चित्र भारती एक उद्देश्य के साथ काम करने वाली संस्था है जो भारतीय संस्कृति, भारतीय परंपरा, भारतीय समाज जीवन

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श्री विजय रूपाणी (मध्य में) का अभिनंदन करते श्री बृज किशोर कुठियाला (दाएं) एवं अन्य विशिष्टजन 
 

गत 21-23 फरवरी को भारतीय चित्र साधना द्वारा आयोजित चित्र भारती नेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल कर्णावती (अमदाबाद) में आयोजित किया गया। महोत्सव का विधिवत् उद्घाटन गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय भाई रूपाणी ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, भारतीय परंपरा, भारतीय समाज जीवन, प्रचारित व उजागर हो, इस हेतु से भारतीय चित्र साधना द्वारा चित्रभारती नेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा कि चित्र भारती एक उद्देश्य के साथ काम करने वाली संस्था है जो भारतीय संस्कृति, भारतीय परंपरा, भारतीय समाज जीवन को सामने रखने का कार्य करती है। इस मौके पर मुख्य रूप से उपस्थित फिल्म निर्माता सुभाष घई ने कहा कि सिनेमा की महत्ता सिर्फ मनोरंजन ही नहीं है, बल्कि व्यक्ति निर्माण है। व्यक्ति निर्माण के लिए कथा, कहानियों की बहुत आवश्यकता होती है। इसीलिए आज भी हम रामायण, महाभारत, सूरदास आदि का अनुकरण करते हैं। इनसे ही हम लोग शक्ति लेते हैं। उन्होंने कहा कि हमें अमेरिका की कहानी नहीं चाहिए, हमें अपने देश की, अपने शहर की, अपने गांव के लोगों की कहानी चाहिए, ताकि हम अपने पूरे भारत को जान सकें। महोत्सव में उपस्थित गीतकार एवं केंद्रीय बोर्ड आॅफ फिल्म सर्टिफिकेशन के अध्यक्ष श्री प्रसून जोशी ने कहा कि आज मंचों का लोकतांत्रीकरण हुआ है। हम देखते थे कि पहले मंचों पर एकाधिकार था। एक तबके को ही प्राथमिकता दी जाती थी पर अब ऐसा नहीं है। आज हर किसी के पास मंच है, हर कोई अपनी कहानी सुना सकता है।