दिल्ली से कश्मीरी आतंकी दंपती गिरफ्तार,सीएए के विरोध में हिंसा भड़काने की कर रहे थे साजिश
   दिनांक 09-मार्च-2020

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पुलिस द्वारा ​गिरफ्तार किए गए आतंकी दंपती जहनजैब सामी और हिना बशीर बेग पुलिस ने बताया कि सामी इस्लामिक स्टेट के खोरासान के मारे गए पाकिस्तानी कमांडर हुजैफा अल-बकिस्तानी के संपर्क में था।
दिल्ली पुलिस ने रविवार को इस्लामिक स्टेट के खुरासान मॉड्यूल (आईएसकेपी) से जुड़े कश्मीरी आतंकी दंपती को गिरफ्तार किया है।  जामिया नगर से पकड़े गए जहनजैब सामी और हिना बशीर बेग श्रीनगर के रहने वाले हैं। वे सीएए के खिलाफ प्रदर्शनों का इस्तेमाल मुस्लिम युवाओं को भड़काने और आतंकी हमले के लिए करना चाहते थे। उनके पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और जिहादी दस्तावेज भी मिले हैं। दंपती अफगानिस्तान में आईएसकेपी के टॉप लीडर्स के संपर्क में थे। उनका इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासान प्रोविस (आइएसकेपी) से संबंध है। वे अगस्त से दिल्ली में थे।
आतंकी दंपती ने एमबीए व बीटेक की पढ़ाई कर रखी है। बताया जा रहा है कि कथित आतंकी संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में मुस्लिम युवाओं को भड़काकर आतंकी वारदात को अंजाम देने की जुगत में थे। उनके पास से लैपटाप, हार्ड डिस्क व मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। सूत्रों के अनुसार मोबाइल और लैपटॉप में संवेदनशील व भड़काऊ सामग्री मिली है। फिलहाल पुलिस अधिकारी दोनों से पूछताछ में जुटे हैं। पूछताछ के बाद इनसे जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
डीसीपी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि जहनजैब सामी और उसकी बेगम हीना बशीर बेग सीएए के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में मुस्लिम युवाओं को हिंसा करने के लिए भड़का रहे थे। कई दिनों से सुरक्षा एजेंसियों की नजर इन दोनों पर थी। इनका संपर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन आइएस के खुरासान मॉड्यूल से था। दोनों को ओखला विहार में किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि जहनजैब सामी दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम कर रहा था। पुलिस ने बताया कि जहनजैब सामी इस्लामिक स्टेट के खोरासान विंग के मारे गए पाकिस्तानी कमांडर हुजैफा अल-बकिस्तानी के संपर्क में था। उसने कश्मीरी युवाओं को आतंकी समूह में शामिल करने के लिए कट्टरपंथी बनाने के प्रयासों में काफी अहम भूमिका निभाई थी। वह आइएस के लिए युवाओं को ऑनलाइन बहाली करता था। हालांकि हुजैफा बाद में अल-बकिस्तानी अफगानिस्तान में ड्रोन हमले में मारा गया था।
आतंकी दंपती इंडियन मुस्लिम यूनाइट नाम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चला रहे थे। इसका उद्देश्य सीएए और एनआरसी के विरोध में होने वाले प्रदर्शन के दौरान ज्यादा से ज्यादा मुस्लिम लोगों को जोडऩे का था। यही नहीं वे धर्म विशेष के युवाओं को आतंकी वारदातों के लिए भी उकसा रहे थे।