द वायर वेबसाइट के संस्थापक—संपादक सिद्धार्थ के खिलाफ एफआईआर
   दिनांक 01-अप्रैल-2020
सिद्धार्थ ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ झूठा ट्वीट किया उन्हें ट्वीट डिलीट करने के लिए कहा भी गया पर उन्होंने नहीं किया.

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फेक न्यूज़ की फैक्ट्री चलाने वाले अपना एजेंडा छोड़ने को तैयार नहीं है. कोरोना वैश्विक महामारी है. इस संकट की घड़ी में भी एजेंडा वेबसाइट 'द वायर  ' उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बारे में भ्रम फैलाने में लगी हुई है. लेकिन इस बार दाव उल्टा पड़ गया. 'द वायर' के संस्थापक और संपादक सिद्धार्थ वरदराजन को भ्रामक ट्वीट को डिलीट करने की चेतावनी मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने दी. दिन भर बीत जाने के बाद भी सिद्धार्थ सिद्धार्थ वरदराजन ने ट्वीट डिलीट नहीं किया. देर शाम होते- होते सिद्धार्थ  के खिलाफ अयोध्या जनपद में दो एफआईआर दर्ज कराई गई हैं.
पहली एफआईआर अयोध्या जनपद के थाना कोतवाली के इन्स्पेक्टर नितीश कुमार श्रीवास्तव ने अपनी तरफ से दर्ज कराई है. इसमें कहा गया है कि सिद्धार्थ के ट्वीट से जनता में रोष व्याप्त है . यह कृत्य भारतीय दंड विधान की धारा 188 / 505 (2 ) के तहत आता है. दूसरी एफआईआर अयोध्या जनपद के निवासी हरवजन गौड ने दर्ज कराई है. गौड में एफआईआर में आरोप लगाया है कि इस भ्रामक ट्वीट से हम लोगों को बहुत तकलीफ हुई है.
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का झूठा बयान गढ़ कर द वायर डॉट कॉम, वेबसाइट पर जारी कर दिया. उसके बाद उस झूठे बयान को सिद्धार्थ ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट भी किया. एक ऐसा झूठा बयान जो कभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया ही नहीं. उस झूठे बयान के आधार पर भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है. मनगढ़ंत बयान के आधार पर वरदराजन ने तबलीगी समाज के लोगों की वकालत करने का भी प्रयास किया है.
 
सिद्धार्थ ने ट्वीट किया कि " जिस दिन तबलीगी जमात का आयोजन हुआ था, उस दिन योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा था कि 25 मार्च से 2 अप्रैल तक रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में आयोजित होने वाला एक बड़ा मेला हमेशा की तरह लगेगा और भगवान राम, भक्तों की कोरोनो वायरस से रक्षा करेंगे ”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने सिद्धार्थ वरदराजन के इस झूठे और आधारहीन ट्वीट पर उन्हें आइना दिखाया है. मृत्युंजय कुमार ने बुधवार की सुबह ट्वीट किया कि " झूठ फैलाने का प्रयास ना करें , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कभी ऐसी कोई बात नहीं कही है. इसे फ़ौरन डिलीट करें अन्यथा इस पर कार्रवाई की जाएगी तथा डिफ़ेमेशन का केस भी लगाया जाएगा. बावजूद इसके सिद्धार्थ वर्दराजन ने ट्वीट नहीं डिलीट किया तब उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज कराई गई.