बांग्लादेश से बोकारो पहुंचा कोरोना

    दिनांक 10-अप्रैल-2020   
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बोकारो में यह बीमारी जमात से जुड़ी एक महिला के कारण फैली है। वह कुछ दिन पहले बांग्लादेश से लौटी थी। अब उसकी दोनों बेटियां भी वायरस से पीड़ित हैं। हिंद पीढ़ को 72 घंटे के लिए पूरी तरह सील कर वहां पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है

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झारखंड में चायनीज वायरस से पीड़ित लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। अब तक राज्य में 13 लोग वायरस से पीड़ित हैं। एक महिला की मौत हो चुकी है। 13 में से छह मरीज रांची और तीन बोकारो में पाए गए हैं। रांची में मलेशिया की एक महिला से यह बीमारी बढ़ी है। वह महिला दिल्ली में आयोजित जमात के कार्यक्रम में भाग लेकर कुछ दिन पहले ही रांची पहुंची थी। यहां वह मुस्लिम—बहुल हिंद पीढ़ में एक मुसलमान के घर में रहती थी। अब उस घर के बाकी पांच सदस्य भी वायरस से पीड़ित हो गए हैं। वहीं बोकारो में यह बीमारी जमात से जुड़ी एक महिला के कारण फैली है। वह कुछ दिन पहले बांग्लादेश से लौटी थी। अब उसकी दोनों बेटियां भी वायरस से पीड़ित हैं।
हिंद पीढ़ को 72 घंटे के लिए पूरी तरह सील कर वहां पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। लेकिन दुर्भाग्य से और राज्यों की तरह वहां भी मुसलमानों की भीेड़ ने पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बावजूद पुलिस अपना काम कर रही है।
अब तक पूरे झारखंड में 1,315 लोगों की जांच के लिए नमूना एकत्र किया गया है। जांच केंद्रों की कमी की वजह से तेजी से जांच नहीं हो पा रही है और जो जांच हो रही है, उसकी रिपोर्ट राज्य के लोगों की चिंता को और बढ़ा देती है। उल्लेखनीय है कि झारखंड में केवल रांची के रिम्स और जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में वायरस जांच की सुविधा है। इसलिए नमूनों की जांच में देरी हो रही है।
रांची के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सुनील प्रमाणिक कहते हैं कि यदि सरकार तेजी से संदिग्धों की जांच नहीं कराएगी तो आने वाले समय में पूरे झारखंड में महामारी फैल सकती है।
इन दिनों झारखंड में हर कोई राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हाजी अंसारी की भी चर्चा कर रहा है। उल्लेखनीय है कि अंसारी तब्लीगी जमात से जुड़े हैं। दिल्ली में आयोजित जलसे में उनके बेटे ने भी हिस्सा लिया था। इसलिए लोग आशंका जता रहे हैं कि राज्य के सुदूर इलाकों की मस्जिदों में विदेशी मुसलमानों को छिपाने या रखने में सरकार की भी भूमिका हो सकती है। अब इसमें कितनी सचाई है, यह तो राज्य की सरकार ही बता सकती है, पर लोगों की आशंका को सिरे से खारिज भी नहीं किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों गोड्डा जिले के नयानगर के पास भांजपुर गांव में पुलिस ने 9 विदेशी मुस्लिमों को गिरफ्तार किया था। भांजपुर गांव रांची से लगभग 450 किलोमीटर दूर है। यह गांव बिहार के भागलुपर जिले की सीमा से ज्यादा दूर नहीं है। यहां तक कोई विदेशी अपने आप नहीं पहुंच सकता है। नजदीक में न कोई हवाई अड्डा है और न ही कोई रेलवे स्टेशन। सच तो यह है कि इस गांव के लिए स्थानीय स्तर पर भी आवागमन की कोई खास सुविधा नहीं है। ऐसे सुदूर गांव तक विदेशियों को किसने लाया, यह सवाल सरकार से पूछा ही जा सकता है। ऐसे रांची के पास भी कुछ मस्जिदों से विदेशी पकड़े गए हैं। लेकिन रांची से 450 किलोमीटर दूर साधनविहीन एक गांव में विदेशियों का मिलना राज्य के लोगों के लिए चर्चा और चिंता का विषय है।