मुसलमानों ने बड़ी संख्या में बौद्ध भिक्षुओं को मार डाला : बाबासाहेब

    दिनांक 10-अप्रैल-2020
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डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) के अवसर तक रोजाना उनके जीवन से जुड़े कुछ अनछुए प्रसंगों को बताने का प्रयास किया जाएगा। ये प्रसंग “डॉ. बाबासाहब आंबेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज”, “पाकिस्तान ऑर पार्टीशन ऑफ इंडिया”, “द सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ़ डॉ. बी. आर. आंबेडकर”, “द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ़ बुद्धिज़्म” आदि पुस्तकों से लिए गए हैं. बाबासाहेब को जानें भाग  आठ :-

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डॉ. आंबेडकर “द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ़ बुद्धिज़्म” में लिखते हैं, ''मुसलमान आक्रांताओं ने बौद्ध अर्चकों व भिक्षुओं में कत्लेआम का अभियान चलाया। मुसलमानों की इस खूनी कुल्हाड़ी ने बौद्ध मत की जड़ पर प्रहार किया। बौद्ध भिक्षुओं की हत्या करके इस्लाम ने बौद्ध मत को ही मार दिया। भारत में बौद्ध मत पर पड़ने वाली यह बहुत बड़ी आपदा थी।''
वे एक अन्य पुस्तक में लिखते हैं, ''मुसलमान आक्रमणकारियों ने नालंदा, विक्रमशिला, जगदाला, औदान्त्पुरी आदि कई बौद्ध विश्वविद्यालयों को खत्म कर दिया। देशभर में जिन शिक्षण संस्थानों और बौद्ध मठों में बौद्ध मत का अध्ययन-अध्यापन हो रहा था उन्हें कट्टरपंथी हमलावरों ने ढहा दिया। हजारों की संख्या में बौद्ध भिक्षु अपनी जान बचाने के लिए नेपाल, तिब्बत और भारत से बाहर कई देशों में भाग गए। बड़ी संख्या में वे मुसलमान सैनिकों व सेनापतियों द्वारा मारे गए। बौद्ध अर्चकों की हत्या मुस्लिम आक्रान्ताओं की तलवार से किस प्रकार हुई, इसे मुस्लिम इतिहासकारों ने वर्णित किया है।''
(डॉ. बाबा साहब आंबेडकर राइजिंग एंड स्पीचेज वॉल्यूम-3, महाराष्ट्र सरकार 1987, पृष्ठ 232)