अपने साथ-साथ दूसरे देशों की मदद कर रहा भारत

    दिनांक 12-अप्रैल-2020
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ले. कर्नल (सेनि.) आदित्य प्रताप सिंह
भारत ने संकट की घड़ी में मानवता की रक्षा के लिए न केवल पड़ोसी देशों को बल्कि दुनिया के विभिन्न देशों को हाइड्रो ऑक्सीक्लोरोकुईन (एचसीक्यू) औषधि उपलब्ध कराई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति ने तो मोदी की तुलना हनुमान जी से की। इजराइली मीडिया में भी दवा के पहुंचने पर भारत के मित्रवत व्यवहार की सराहना की गई

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कोरोना के उपचार की उपयुक्त औषधि पर अनेक प्रयोगों के बीच अभी भी संशय बना हुआ है। कुछ विशेषज्ञों के मतानुसार मलेरिया के उपचार में प्रयुक्त होने वाली औषधि हाइड्रो ऑक्सीक्लोरोकुईन (एचसीक्यू) का प्रयोग अस्पतालों में काम करने वालों में इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए किया जा सकता है। एचसीक्यू का भारत अकेला ऐसा उत्पादक देश है जो विश्व का 70 फीसदी उत्पादन करता है। भारत की उत्पादन क्षमता प्रतिमाह 40 टन है। अर्थात वह 200 मिलीग्राम की 20 करोड़ टैबलेट हर महीने बना सकता है। एचसीक्यू को पाने के लिए कोरोना पीड़ित सभी देशों की निगाहें भारत पर टिकी हैं। भारत ने 25 मार्च को इस दवा के निर्यात पर प्रतिबंध लगाते हुए इस संबंध में निर्यातक कंपनियों को आदेश भी दे दिए थे। यह आदेश भविष्य में इस दवा की आवश्यकता के कारण था। 4 अप्रैल को यह आदेश और भी सख्त करते हुए सरकार ने निर्यात आधारित इकाइयों को भी निर्यात निषेध कर दिया था। परंतु कोरोना के बढ़ते प्रकोप और मानवता की भावना के चलते सरकार ने 7 अप्रैल को इस प्रतिबंध को हटा लिया। सरकार ने यह निर्णय वैश्विक हितों और विश्व व्यवस्था में अपने कर्तव्यों और भविष्य को देखते हुए लिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे अवसरों पर वैश्विक समुदाय को सदैव एकता और सहयोग का परिचय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत एचसीक्यू की समुचित मात्रा अपने सभी पड़ोसी राष्ट्रों को भी देगा और साथ ही कोरोना पीड़ित सभी राष्ट्रों की यथासंभव सहायता करेगा।
 
भारत की हो रही दुनिया में प्रशंसा
भारत के इस जिम्मेदारी और नैतिक कदम की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है। ब्राजील के राष्ट्रपति ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना हनुमान जी से की। इजराइली मीडिया में भी मंगलवार को इस दवा के पहुंचने पर भारत के मित्रवत व्यवहार की सराहना की जा रही है। भारत की यह दवा भूटान, नेपाल और श्रीलंका आदि में भी 8 अप्रैल को पहुंच गयी थी। भारत के लिए भी यह आपदा का समय है लेकिन फिर भी प्रधानमंत्री मोदी मानवता की रक्षा के लिए सभी देशों को हर संभव मदद कर रहे हैं। निश्चित ही भारत के इस कदम से दुनिया में उसकी साख और बढ़ रही है।
कोरोना नियंत्रण पर भी हो रही प्रशंसा
भारत के कोरोना से निपटने के लिए उठाए गए कदमों की पूरे विश्व में प्रशंसा हो रही है। 130 करोड़ की जनसंख्या जहां करोड़ों प्रवासी श्रमिक घनी बस्तियों में स्वच्छता के अभाव में रहते हों, जहां लाखों लोग प्रतिदिन खचा-खच भरी बसों और ट्रेनों में यात्रा करते हों, वहां इस महामारी को नियंत्रित करना एक बड़ा प्रबंधन है।