असम: गरीब व असहायों की मदद के साथ पशु-पक्षियों तक की सेवा में जुटे संघ के स्वयंसेवक

    दिनांक 13-अप्रैल-2020
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असम से डॉ. संजीब गोस्वामी
असम के विभिन्न इलाकों में संघ के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर राहत अभियान में जुटे हुए हैं। इस दौरान वह रोजमर्रा काम करने वालों से लेकर पशु-पक्षियों तक की चिंता कर रहे हैं

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जब भी देश में कोई प्राकृतिक आपदा आती है तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक मदद और राहत के काम में लग जाते हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी देश के प्रत्येक क्षेत्र में संघ के कार्यकर्ता युद्ध स्तर पर राहत अभियान में जुटकर समाज का दुख हरने में लगे हुए हैं। इसी कड़ी में असम में सेवा भारती सहित संघ के समविचारी संगठन अनेक इलाकों में राहत में जुटे हुए हैं।
असम में चल रहे राहत कार्यों के बारे में सह प्रान्त कार्यवाह श्री परितोष घोष बताते हैं कि धुबरी जिले के गौरीपुर, बिलसीपरा, आगोमोनी, चापोर इत्यादि जगह पर 1500 से भी जरूरतमंद परिवार को खाद्य सामग्री, साबुन और अन्य जरूरी सामान स्वयंसेवकों ने पहुंचाया है। ज्ञात हो कि धुबरी मुस्लिम बहुल जिला है और तब्लीग जमात के जुड़े लोगों के चलते यहां भी कोरोना ने घुसपैठ की। लेकिन इस सबके बावजूद स्वयंसेवक अभावग्रस्त परिवारों को राहत देने में जुट हैं।
रोजमर्रा काम करने वालों का रखा जा रहा ध्यान

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भारतीय इतिहास संकलन समिति के राज्य के कोषाध्यक्ष सुरेश बताते हैं कि गुवाहाटी महानगर में भी संघ के कार्यकर्ता सभी खंड में राहत अभियान में जुटे हुए हैं और गरीब एवं दैनिक मजदूरी करने वाले परिवारों भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ता प्रत्येक खंड और बस्ती से गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के सूची तैयार करके उन सभी तक राहत सामग्री पहुंचाना सुनिश्चित कर रहे हैं। इस दौरान करीब 400 परिवारों को मदद पहुंचाई जा चुकी है। उधर आईआईटी गुवाहाटी के साथ मिलकर सेवा भारती के कार्यकर्ता काम कर रहे हैं। इस दौरान आईआईटी की ओर 100 विशेष मास्क दिए गए जिन्हें संस्थान के सहायक प्रोफेसर सुप्रतिम दास एवं डिजाइन डिपार्टमेंट ने तैयार किया है।
राज्य सरकार हमारे स्कूलों में बना ले आइसोलेशन सेंटर
विद्या भारती ने राज्य सरकार को एक पत्र लिखकर निवेदन किया है कि वह जरूरत पड़ने पर हमारे स्कूलों को आइसोलेशन सेंटर में तब्दील कर सकती है। विद्या भारती के संगठन मंत्री श्री हेमंत ढिंग मजूमदार ने बताया कि संगठन की ओर असम सरकार को एक पत्र लिखा गया है जिसमें कहा गया है कि अगर जरूरी हो तो विद्या भारती के अंतर्गत सभी स्कूलों में आइसोलेशन सेंटर खोले जा सकते हैं। इसके अलावा संगठन के कार्यकर्ता विभिन्न इलाको में कार्यकर्ताओं को हैंड सैनेटाइजर वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा विद्या भारती, असम प्रान्त के साथ जुड़े विद्यार्थियों और अभिभावकों ने 15 लाख रूपए प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा किए हैं।
पशु-पक्षी और जानवरों की भी कर रहे चिंता
इतिहास संकलन समिति के कुछ सदस्य असम पुलिस और कुछ सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर पशु-पक्षी एवं जानवरों के भी चारे का प्रबंध कर रहे हैं।

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