प्रतिदिन दस हजार मास्क एवं 100 बोतल सेनिटाइजर बना रहा है "एकल विद्यालय" संगठन

    दिनांक 14-अप्रैल-2020   
Total Views |

ekal vidhlya _1 &nbs
कोरोना वायरस (COVID-19) से निपटने के लिए सामाजिक संगठन "एकल अभियान" युद्ध स्तर पर जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहा है. इस संगठन के समस्त आचार्य, स्वराज सेनानी, सेवाव्रती कार्यकर्ता, नगर संगठन, ग्राम संगठन से जुड़े हुए समस्त पदाधिकारी जनसेवा में लगे हुए हैं. भारत वर्ष के एक लाख गाँवों में एकल विद्यालय संचालित हो रहे हैं. इन एक लाख विद्यालयों का सम्पर्क करीब 4 लाख गाँवों में हैं. इस प्रकार, प्रत्येक गाँव से 10 युवक/युवतियों को कोरोना निवारण अभियान में लगाया गया है. यह कार्यकर्ता अभावग्रस्त ग्रामीणों की सहायता कर रहे हैं. एकल अभियान के विभिन्न प्रदेशों में चल रहे ग्रामोत्थान संसाधन केन्द्रों में प्रतिदिन दस हजार मास्क एवं 100 बोतल सेनिटाइजर बनाने का अभियान चल रहा है. देश के विभिन्न जिलों में स्थानीय प्रशासन को निःशुल्क वितरण हेतु मास्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं.
विभिन्न महानगरों में कार्य कर रहे ग्रामीण श्रमिक लाक डाउन के बाद अपने गावं पहुँच गए थे. स्वराज सैनिकों ने महानगरों से लौटे उन लोगों को समझा - बुझा कर गावं की सीमा के पास ही रोक लिया. प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत करके महानगरों से लौटने वाले श्रमिकों को क्वारंटाइन कराया. ग्रामोत्थान संसाधन केन्द्र में 392 महिला कार्यकर्ता सिलाई प्रशिक्षण केन्द्रों के माध्यम से मास्क व सैनिटाइजर तैयार करने का प्रयास कर रही हैं। एकल अभियान, देश भर के गाँवों में यह मास्क निःशुल्क वितरित करवाने का प्रयास कर रहा है। अभावग्रस्त ग्रामीणों को लॉकडाउन के प्रथम सप्ताह में भोजन कराने का प्रबंध किया गया. उसके बाद, विभिन्न स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों से सम्पर्क करके राशन वितरित करवाने का प्रयास किया जा रहा है. लखनऊ इकाई के सचिव भूपेन्द्र अग्रवाल "गुडमॉर्निग ब्रेड" फैक्ट्री के माध्यम से लखनऊ जिले के गाँव-गाँव में ब्रेड वितरित करा रहे हैं. माधवेन्द्र सिंह, महामंत्री - केन्द्रीय कार्यकारिणी एकल विद्यालय ने बताया कि" एकल अभियान के केन्द्रीय कार्यालय, दिल्ली द्वारा प्रतिदिन ग्रामवासियों के जागरण हेतु कोरोना वायरस के लिए सावधानी युक्त संदेश , भारत के 5 लाख गाँवों में भेजा जा रहा है. इस प्रयास के माध्यम से अब ऐसा लगने लगा है कि भारत के गाँवों में हम कोरोना महामारी को प्रवेश नहीं करने देंगे."