कांग्रेस ने हमेशा एससी और एसटी समुदाय से भेदभाव किया: बाबासाहेब

    दिनांक 14-अप्रैल-2020
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आज 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती है। हम लगातार आपको उनके जीवन से जुड़े कुछ अनछुए प्रसंगों को बताने का प्रयास कर रहे हैं। आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा। ये प्रसंग “डॉ. बाबासाहब आंबेडकर राइटिंग्स एंड स्पीचेज”, “पाकिस्तान ऑर पार्टीशन ऑफ इंडिया”, “द सेलेक्टेड वर्क्स ऑफ़ डॉ. बी. आर. आंबेडकर”, “द डिक्लाइन एंड फॉल ऑफ़ बुद्धिज़्म” आदि पुस्तकों से लिए गए हैं. बाबासाहेब को जानें भाग बारह :-

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डॉ. आंबेडकर ने लिखा है, ''अब मैं उस दूसरे मामले का संदर्भ देना चाहूंगा जिसने मुझे सरकार के प्रति असंतुष्ट बनाया, वह था पिछड़े वर्गों और अनुसूचित जातियों से जुड़ा भेदभावपूर्ण व्यवहार। मुझे इस बात का बहुत दुःख है संविधान में इन जातियों की सुरक्षा के लिए कुछ विशेष तय नहीं किया गया। यह तो राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त एक आयोग की संस्तुति के आधार पर सरकार को करना पड़ा। इसका संविधान पारित करते हुए हमें एक वर्ष हो गया था लेकिन सरकार ने आयोग के गठन तक के विषय में नहीं सोचा। मुझे विश्वास था कि प्रधानमंत्री भी इस बात से सहमत होंगे कि मैं इस विषय में कोई शिकायत नहीं करूंगा। मैं कभी भी सत्ता की राजनीति का खेल या मंत्रालय छीनने का खेल कैबिनेट के अंदर नहीं खेलूंगा। मैं सेवा में विश्वास करता हूं उस पद की सेवा जो कैबिनेट के प्रमुख के नाते प्रधानमंत्री ने मुझे दी है और जिसे करने में मैं पूरी तरह सक्षम हूं। बेशक यह मेरे लिए तब तक अमानवीय नहीं था जब तक मुझे यह महसूस न हो कि मेरे साथ गलत हो रहा था।''